वाराणसी 19 जून। ट्रैफिक लोड को कम करने के लिए दो एलिवेटिड रोड तैयार किए जाएंगे. वाराणसी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को मूर्ख रूप देने के लिए शुरुआत कर दी गई है. इसी क्रम में परियोजना से प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है.
वाराणसी में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा वरुणा नदी के किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और वाराणसी रिंग रोड के बीच वरुणा तीर्थ कनेक्टर कॉरिडोर के विस्तृत परियोजना बनाई गई है.
इसमें 21.153 किमी में प्रस्तावित 41 गांवों में गंगा नदी के किनारे और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से रिंग रोड तक 18.100 किमी में प्रभावित 11 गांवों से वरुणा एलिवेटेड और रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है. भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को पूरी किए जाने तक रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है.
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परियोजना के तहत प्रभावित ग्रामों से प्रस्तावित भूमि के क्रय-विक्रय, सट्टा, इकरारनामा भूमि की श्रेणी में परिवर्तन और प्रभावित सरकारी भूमि के आवंटन पर रोक लगाए जाने का अनुरोध किया गया है. प्रभावित सरकारी भूमि का किसी भी प्रकार का आवंटन किए जाने पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई जाती है.
गंगा एलिवेटेड (तहसील-सदर): गांव समना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छितुपुर, भगवानपुर, सुजाबाद, नगवा, नदेसर, किला कोहना, कोरौटा, रामनगर, वारिदपुर में रोक लगी है.
वरुणा एलिवेटेड (तहसील-सदर): कुडुहना, रस्तमसर, परशुरामपुर, सराय, पिररां, रनियापुर, छितौनी, कोरौटा, किला कोहना, इंदरपुर, सिरिस्ता, बड़ागांव प्रथम, छपरी, लोहरापुर, चौका, जेतुपुर, काजी सरसौलपुर, अटहरपुर, मकदूमपुर, भटके, करनजापुर और कटेसर गांव प्रभावित हैं.
जलालपुर (तहसील-पिंडरा): महादेवपुर, सरायखांपुर, दहेपुर, दुर्गापुर, करोंमा, धनेसी, बंजरपट्टी, बरसांडी, कोर्राजपुर, सहदुल्लीनगर, परसियापुर, समाद, कोर्राज, अहिरान, अनेनपुर, भगवनपुर, बाजिदपुर, प्रतापट्टी, मंगापुर गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है.

