नई दिल्ली 18 जून। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल/NDR ने एक बड़े अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस मॉड्यूल से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस के अनुसार यह कुल 8 सदस्यीय नेटवर्क है, जो दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों में पुलिस कर्मियों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश में सक्रिय था.
स्पेशल सेल के अनुसार यह कार्रवाई इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज के नेतृत्व में NDR टीमों द्वारा की गई, जिसकी निगरानी एसीपी/NDR विवेक कुमार त्यागी कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच जारी है.
पुलिस बल को निशाना बनाने की थी साजिश
जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल न केवल हथियारों की तस्करी और टारगेट किलिंग की साजिश में शामिल था, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में “Tehreek-e-Taliban Hindustan (TTH)” नामक एक कथित संगठन का प्रचार भी कर रहा था. आरोप है कि पाकिस्तान आधारित हैंडलर्स के निर्देश पर यह नेटवर्क पुलिस बल को निशाना बनाने, पोस्टर लगाने और ग्राफिटी के जरिए दहशत फैलाने की योजना पर काम कर रहा था. डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सोहैल, सोनू मीणा, सचिन कुमार मीणा, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिहान शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार सोहैल, जिसकी उम्र 26 वर्ष है और जो फरीदाबाद के बल्लभगढ़ का रहने वाला है, पाकिस्तान स्थित हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में था. वह एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए निर्देश लेकर दिल्ली और फरीदाबाद में TTH के समर्थन में ग्राफिटी बनाता था और उसके वीडियो भेजता था. इसके बदले उसे पांच हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है. पुलिस का यह भी कहना है कि वह पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है.
दूसरे आरोपी सोनू मीणा की उम्र 30 वर्ष है और वह दिल्ली के घिटोरनी क्षेत्र का निवासी है. उसके कब्जे से तीन पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. जांच में पता चला है कि वह हथियारों की व्यवस्था करने और मॉड्यूल के अन्य सदस्यों को आर्थिक मदद पहुंचाने में भूमिका निभा रहा था. उसने सोहैल को भी पांच हजार रुपये ट्रांसफर किए थे.
तीसरा आरोपी सचिन कुमार मीणा, उम्र 20 वर्ष, राजस्थान के दौसा जिले का रहने वाला है. वह सोनू मीणा का सहयोगी बताया गया है और उसके पास से दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं.
चौथा आरोपी मोहम्मद कैफ, उम्र 21 वर्ष, हरियाणा के नूंह से गिरफ्तार हुआ है. पुलिस के अनुसार वह पाकिस्तान आधारित नेटवर्क के संपर्क में था और उसे पुलिस स्टेशनों की रेकी, पुलिस कर्मियों पर हमले तथा युवाओं की भर्ती जैसे निर्देश दिए जा रहे थे.
पांचवां आरोपी मोहम्मद रिहान, उम्र 20 वर्ष, उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है. पुलिस जांच के अनुसार वह एबिद जट्ट और मोहसिन जैसे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. उसने मेरठ में उनके पोस्टर लगाए और पुलिस कर्मियों पर हमले की योजना में शामिल था. उसे इस काम के लिए तीन लाख रुपये का लालच दिए जाने की बात भी सामने आई है.
दहशत का माहौल तैयार करने की थी प्लानिंग !
स्पेशल सेल के अनुसार इस नेटवर्क का मकसद केवल आतंक फैलाना ही नहीं था, बल्कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाकर एक संगठित दहशत का माहौल तैयार करना भी था. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एन्क्रिप्टेड माध्यमों से लगातार संपर्क में थे और सोशल मीडिया तथा पोस्टर के जरिए प्रचार अभियान चला रहे थे. इससे पहले इसी मॉड्यूल से जुड़े तीन अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सोयब, अनमोल राय उर्फ अनु और रवि कश्यप शामिल हैं. पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी भी हथियारों और धमकी भरे वीडियो के जरिए पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे.
मंगलवार को 7 संदिग्ध हुए थे गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से संचालित एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय आतंक-आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के इशारों पर काम कर रहा था. गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक फैला हुआ था और इसका इस्तेमाल अवैध हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था.

