अलीगढ़ 17 जून। सिगरेट के एक पैकेट पर निर्धारित मूल्य से 20 रुपए अधिक वसूलना दुकानदार और सिगरेट निर्माता कंपनी को भारी पड़ गया. जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दुकानदार और कंपनी पर संयुक्त रूप से 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. आयोग ने यह राशि 45 दिनों के भीतर उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने के आदेश दिए हैं.
यह मामला बन्नादेवी थाना क्षेत्र के रघुवीरपुरी निवासी अधिवक्ता देवेश गौतम से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में अलीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग के सामने स्थित प्रतिभा कॉलोनी निवासी हीरालाल वार्ष्णेय की दुकान से एक सिगरेट का पैकेट खरीदा था. पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 340 रुपए अंकित था, लेकिन दुकानदार ने उनसे 360 रुपए की मांग की.
देवेश गौतम ने बताया कि जब निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने का विरोध किया तो दुकानदार बहस करने लगा और सिगरेट देने से इंकार कर दिया. इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 360 रुपए का भुगतान कर दिया. भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखते हुए उन्होंने उसका प्रिंट आउट निकाला और फरवरी 2026 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा दी.
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ में हुई. आयोग ने दुकानदार के साथ-साथ सिगरेट बनाने वाली ब्रांडेड कंपनी को भी नोटिस जारी किया. सुनवाई के दौरान दुकानदार आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ. वहीं, कंपनी ने अपने बचाव में तर्क दिया कि संबंधित दुकानदार उसका अधिकृत विक्रेता नहीं है, इसलिए कथित कालाबाजारी के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
हालांकि आयोग ने कंपनी की इस दलील को खारिज कर दिया. अपने फैसले में आयोग ने कहा कि कंपनी अपने उत्पाद की बिक्री के नाम पर हो रही कालाबाजारी और उपभोक्ताओं के शोषण से पल्ला नहीं झाड़ सकती. आयोग ने इसे अनुचित व्यापारिक आचरण और आम जनता के साथ छिपी हुई लूट करार दिया.
आयोग ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता से वसूले गए अतिरिक्त 20 रुपए को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस किया जाए. साथ ही मानसिक उत्पीड़न के लिए 5000 रुपए और वाद व्यय के 5000 रुपए यानी कुल 10000 रुपए का मुआवजा भी दिया जाए.
आयोग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जुर्माना और मुआवजा जमा नहीं किए जाने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

