लखनऊ 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को लेकर कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपरा की शुरुआत तथा कानफोड़ू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने शांति भंग करने के प्रयासों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, नीट व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की घटना न होने पाए। पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू डीजे, ढोल एवं ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा, दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए। 10 से 12 फीट से डीट से अधिक ऊंचे ताजियों की अनुमति न दी जाए। सभी की आस्था का सम्मान हो, लेकिन नई परंपरा स्वीकार्य नहीं होगी।
लोगों की शिकायतों का निस्तारण जल्द किया जाए
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुछ जिलों में निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ऐसे जिलों को तत्काल कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा। मुख्यमंत्री ने जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों में अनिवार्य रूप से सीएमओ की तैनाती करने के निर्देश दिए।
योग दिवस के आयोजनों में सबकी भागीदारी हो
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, योग संस्थानों, एनसीसी, स्काउट एवं गाइड तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला, तहसील, विकासखंड मुख्यालयों एवं ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

