मेरठ 15 जून (प्र)। विधानसभा चुनाव-2027 से पूर्व ही मवानावासियों के लिए बड़ी सौगात मिलेगी, चूंकि नगर में रोडवेज बस अड्डे को पूर्ण विकसित करने के तहत सब डिपो के निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना धीरे-धीरे गति पकड़ रही है। करीब 6.35 करोड़ की लागत से उक्त निर्माण कार्य चल रहा है। वर्कशाप के लिए भवन निर्माण का कुछ हिस्से में नींव भरने के साथ डीपीसी डालकर पिलर और लिंटर डालने का कार्य किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को यह कार्य 12 माह में पूरा करना है।
मवाना स्थित हस्तिनापुर रोड पर रोडवेज बस स्टैंड को सबडिपो में डवलप के लिए काफी समय से प्रस्ताव शासन के पास था, लेकिन यह बाधा मार्च माह में तब पूरी हो गई, जब इस परियोजना की स्वीकृति मिल गई। इसके लिए करीब 6.35 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ। जिसमें आधुनिक वर्कशाप के साथ-साथ अन्य कई सुविधाएं भी मुहैया होंगी। कार्यदायी संस्था रिया एंटरप्राजेज को एक वर्ष का समय दिया गया है। मार्च में यह कार्य शुरू हो गया और लगभग तीन माह बीत गए हैं। उक्त कार्य पूर्ण होने के साथ यह स्थायी स्टाफ की तैनाती सभी होगी।
निर्माणाधीन वर्कशाप परिसर में कैंटीन, टाइमकीपर कार्यालय, गार्ड रूम, डीजल रूम, वाशिंग डाक और शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इसके तैयार होने के बाद मेरठ के सोहराब गेट डिपो से वर्कशाप संबंधी व्यवस्थाएं भी मवाना स्थानांतरित किए जाने की योजना है। भवन बना, लेकिन संचालन अब भी अधूरा रू रोडवेज बस डिपो जब प्रकाश में आया तो यहां पर भवन में कार्यालय, पैसेंजर हाल, स्टाफ रूम, शौचालय और बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधाएं मिली। अन्य व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन न तो यहां से बसों का संचालन सही तरीके से हो सका और न ही स्थायी स्टाफ की तैनाती हो सकी।
मवाना को सब डिपो की सौगात मिलने के बावजूद यात्रियों को अभी तक अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। डिपो परिसर में बना कंप्यूटर रूम केवल शोपीस बनकर रह गया है। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नियमित यात्रियों को मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) बनवाने के लिए आज भी मेरठ डिपो के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों नारायण प्रकाश शर्मा, विपिन चौधरी, मनोज आदि का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और आवश्यक स्टाफ की तैनाती की जाए तो मवाना रोडवेज सब डिपो क्षेत्र के हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
मवाना रोडवेज बस अड्डा इंचार्ज योगेश कुमार का कहना है कि वर्कशाप का निर्माण चल रहा है जिसे पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय मांगा गया है। उसके बाद ही विभाग द्वारा स्टाफ भेजा जाएगा।
आरएम मेरठ दीपक चौधरी के अनुसार सबडिपो के निर्माण का कार्य समय से पूरा होने की उम्मीद है। डीपीसी डालकर पिलर आदि का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसका निर्माण पूर्ण होने के साथ ही नयी व्यवस्थाएं भी लागू होंगी।

