नई दिल्ली 13 जून। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) के फंड में हुए कुल 657 करोड़ रुपये के गबन के मामले में शुक्रवार को दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं।
अधिकारियों के मुताबिक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से सरकारी फंड को फर्जी लेन-देन के जरिये शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था। इस घोटाले में हरियाणा सरकार को 504 करोड़ रुपये और सीएससीएल को 153 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हरियाणा सरकार से जुड़े मामले में पंचकुला की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है, जिसमें दो निजी लोगों को आरोपी बनाया गया है। इससे पहले 15 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
वहीं, बैंक ने कहा- सरकार को लौटाए 583 करोड़ इस मामले पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग ( नियामकीय सूचना) में बयान जारी कर कहा है कि उसने हरियाणा सरकार के संबंधित विभागों को 100 फीसदी मूलधन और व्याज लौटा दिया है, जो कुल 583 करोड़ रुपये बनता है।
सीएससीएल मामले में चंडीगढ़ की विशेष अदालत में 7 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश की गई है। इनमें पांच बैंक अधिकारी, एक सीएससीएल अधिकारी और एक निजी व्यक्ति शामिल है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार दोनों मामलों में आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। सावन ज्वेलर्स के मालिक राजन कटोदिया के खिलाफ जांच के दौरान काफी सबूत मिले थे।

