मेरठ 13 जून (प्र)। मोहर्रम को लेकर मेरठ सहित रेंज में पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। मेरठ के साथ-साथ चार जिलों में 395 जुलूस, 560 ताजिये और 241 मजलिसों को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में ड्रोन से निगरानी होगी, जबकि 4500 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में नई परंपरा लागू नहीं होने दी जाएगी और ताजिये केवल निर्धारित मार्ग से ही निकाले जाएंगे। बता दे कि मोहर्रम 17 जून से शुरू होकर 26 जून को ताजिया और मुख्य जुलूस के साथ संपन्न होगा। मेरठ रेंज में कुल 395 जुलूस प्रस्तावित हैं, जिनमें मेरठ जिले में 95 जुलूस निकाले जाएंगे। वहीं, पूरे परिक्षेत्र में 560 ताजिये रखे जाएंगे, जिनमें अकेले मेरठ में 127 ताजिये शामिल हैं। मजलिसों के लिए कुल 93 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां 241 मजलिसें आयोजित होंगी।
मेरठ में 47 हॉटस्पॉट, भावनपुर थाना अतिसंवेदनशील
पुलिस ने पूरे परिक्षेत्र में 83 स्थानों को संवेदनशील और हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है। इनमें मेरठ के 47 स्थान शामिल हैं। संवेदनशीलता के आधार पर मेरठ का भावनपुर थाना क्षेत्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। 24 जोन, 81 सेक्टर और 59 क्यूआरटी गठित की गई हैं। इसी के साथ ताजिया और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। सभी जनपद प्रभारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखने तथा किसी भी नई परंपरा को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

