लखनऊ 08 जून। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दावा किया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये गायब हो गये। यादव ने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया। उन्होंने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।”
यादव ने पोस्ट में कहा, ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।
सपा मीडिया सेल ने अपने पोस्ट के जरिए इस पूरे मामले पर बेहद कड़ा और सीधा प्रहार किया है. मीडिया सेल की पोस्ट में लिखा गया है कि अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे से करोड़ों रुपये की रकम का हेर-फेर या चोरी हो जाना महज एक वित्तीय अनियमितता नहीं है. यह न सिर्फ बेहद शर्मनाक है, बल्कि इस पूरे पावन प्रोजेक्ट के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है. इस अति संवेदनशील मामले में ट्रस्ट से जुड़े सभी वरिष्ठ लोगों को तत्काल सामने आकर देश के समक्ष अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए.
सपा ने मांग की है कि राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए राम भक्तों की गाढ़ी कमाई से आए चढ़ावे का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए. अब तक कुल कितनी रकम प्राप्त हुई और उसे कहाँ-कहाँ खर्च किया गया, इसका पूरा हिसाब-किताब जनता के सामने आना चाहिए. मंदिर की पवित्र रकम में किसी भी प्रकार का हेरफेर, घपला-घोटाला या वित्तीय चोरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती. समाजवादी पार्टी ने इसे करोड़ों राम भक्तों की पावन आस्था पर एक बड़ा और क्रूर प्रहार बताया है.
सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए सपा नेताओं ने तीखा तंज कसा कि कम से कम भाजपा नेताओं को भगवान के घर को तो बख्श देना चाहिए. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए इन गंभीर वित्तीय आरोपों पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी त्वरित प्रतिक्रिया दी है. विवाद को बढ़ता देख ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को एक आधिकारिक लिखित बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है. चंपत राय ने अपने बयान में कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर पूरी पारदर्शिता के साथ आंतरिक ऑडिट किया जाता है.
उन्होंने कहा कि इस रूटीन ऑडिट कार्य में ट्रस्ट के लेखाकारों के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी अनिवार्य रूप से सम्मिलित रहते हैं. मंदिर के खातों और चढ़ावे का यह विस्तृत वित्तीय ऑडिट कार्य कई दिनों तक लगातार चलता है. चंपत राय ने जानकारी दी कि ऑडिट का यही नियमित कार्य आजकल भी अयोध्या में पूरी सतर्कता के साथ किया जा रहा है. उन्होंने अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अभी तक के ऑडिट में कोई भी संदिग्ध या उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है.
राम मंदिर के दान पात्र में गिनती के समय गबन मामले में राम मंदिर परिसर में देर रात तक जांच चली है और 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी को ट्रस्ट के तरफ से कार्य मुक्त किया गया है. गबन का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर परिसर में अधिकारियों का देर रात तक जमावड़ा रहा. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के द्वारा राम मंदिर के दान में गबन का आरोप लगाए जाने के बाद हलचल बढ़ी है. राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से अखिलेश यादव के आरोप का खंडन भी किया गया है. ट्रस्ट के महत्व चंपत राय ने वीडियो के माध्यम से बयान जारी कर कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. सूत्रों के हवाले से है बड़ी खबर दान पात्र में एसबीआई के काउंटिंग के लिए तैनात किए गए चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है.

