Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • 168 साल पहले प्रचलन में आयी थी उंगलियों की छाप अब अनिवार्य हो गयी है
    • 100 करोड़ वालों की संख्या के साथ ही गरीबों और बेरोजगारों की तादात पर भी हो गहन विचार
    • दस बीस रुपये के बाद 50, 100, 200, और 500 के प्लास्टिक के नोट भी आ सकते हैं
    • कार्यकर्ता अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं : मुनकाद अली
    • हम महाराजा अग्रसैन राम मनोहर लोहिया और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों को नजरअंदाज कर कब तक आर्थिक अपराधियों को सम्मानित कर गौरवान्वित करते रहेंगे
    • यूपी पुलिस में 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले
    • एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स के चयन समारोह का आयोजन
    • गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन व प्रार्थना पत्र सौंपा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»ऑटो»पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित कारोबारों के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना पर विचार
    ऑटो

    पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित कारोबारों के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना पर विचार

    adminBy adminJune 7, 2026No Comments5 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नयी दिल्ली. सरकार पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित कारोबारों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की ऋण गारंटी योजना लाने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस योजना के तहत अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उधारकर्ताओं द्वारा ऋण चुकाने में चूक होने की स्थिति में उधारदाताओं को 100 करोड़ रुपये तक के ऋणों पर करीब 90 प्रतिशत की ऋण गारंटी प्रदान की जाएगी। बैंक ऋण पर यह गारंटी नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) देगी जो सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है।

    इस योजना के लिए सरकार को करीब 17,000 करोड़ से 18,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा। सूत्रों ने बताया कि ऐसी ही योजना कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी लागू की गई थी, जो काफी सफल रही और विभिन्न क्षेत्रों के कई कारोबारों को काम जारी रखने एवं बकाया चुकाने में मदद मिली।

    सरकार ने मई 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आपात ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) शुरू की थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 वैश्विक महामारी से उत्पन्न व्यवधान के बीच पात्र एमएसएमई और अन्य कारोबारी इकाइयों को परिचालन देनदारियां पूरी करने और कारोबार फिर से शुरू करने में मदद देना था।

    इस योजना के तहत अर्थव्यवस्था के करीब सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया था और पात्र उधारकर्ताओं को दिए गए ऋण पर सदस्य ऋणदाता संस्थानों को 100 प्रतिशत गारंटी प्रदान की गई थी।

    योजना की संरचना ऐसी थी कि उधारकर्ताओं को ऋण आसानी से मिल सके। ऋणदाता संस्थान उधारकर्ता के मौजूदा ऋण के आधार पर पूर्व-स्वीकृत ऋण देते थे और अतिरिक्त ऋण के लिए नया मूल्यांकन नहीं किया जाता था।

    इसके अलावा ऋण पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा तय की गई थी ताकि कर्ज की लागत कम रहे एवं ऋण बिना ‘प्रोसेसिंग’ (प्रक्रिया) शुल्क, पूर्व भुगतान शुल्क और गारंटी शुल्क के दिए जाते थे। यह योजना 31 मार्च 2023 तक लागू रही।

    इस बीच सरकार ने आम लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए हाल में कई कदम भी उठाए हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती शामिल है। भारत ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया है। साथ ही महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर छूट दी है। विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) इकाइयों को घरेलू शुल्क क्षेत्र में संचालन की अनुमति भी दी गई है।

    सरकार ने 26 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटाया था ताकि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के असर से उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले और उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।

    सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) यानी विमान ईंधन पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क भी लगाया है। फिलहाल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क तीन रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल पर यह शून्य है। भारत ने दो अप्रैल को पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान के बीच आपूर्ति स्थिर रखने एवं उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया।

    aisa crisis business latest news covid 19 loan guarantee scheme MODI GOVERNMENT tazza khabar
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    168 साल पहले प्रचलन में आयी थी उंगलियों की छाप अब अनिवार्य हो गयी है

    July 28, 2026

    100 करोड़ वालों की संख्या के साथ ही गरीबों और बेरोजगारों की तादात पर भी हो गहन विचार

    July 28, 2026

    दस बीस रुपये के बाद 50, 100, 200, और 500 के प्लास्टिक के नोट भी आ सकते हैं

    July 28, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.