शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए नीट, सीबीएसई और एसएससी जैसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नौजवानों के सामने आ रही कठिनाईयों को लेकर और अभिभावकों पर जो आर्थिक बोझ पड़ रहा है वो सोचनीय है। इन मुददो को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी अभिजीत दीपके के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में छात्रों और युवाओं की संख्या काफी रही। कॉकरोच शब्द का उपयोग होने के बाद अस्तित्व में आई कॉकरोच जनता पार्टी ने फिलहाल केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के द्वारा इस आंदोलन को समर्थन दिया गया है और जिस प्रकार से इसके गठन से छपी खबर पर लाखों लोगों ने संज्ञान लिया और समर्थन दिया है। वो भले ही अभी सामान्य सा लगता हो लेकिन हमारी सरकार व नेताओं को युवाओं व जनता की परेशानियों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए क्योंकि इस आंदोलन में युवा तिरंगा और कॉकरोच का मॉस्क लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने नारा दिया कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और मेक इन इंडिया नहीं लीक इन इंडिया के नारे लगाए गए। पड़ोसी देशों में जेन जी के आंदोलन का परिणाम सब जानते हैं। अन्य देशों में भी जेन जी ने अपने समर्थन में काम कराए गए। देश में अभी पीएम मोदी द्वारा जनता से की जाने वाली बातों का असर है कि हमारे यहां जेन जी द्वारा इस्तीफे की मांग और व्यवस्था सुधारने की मांग की जा रही है। पक्ष और विपक्ष की मजबूती बहुत जरुरी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी विपक्षी नेता के रुप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं लेकिन सिर्फ एक व्यक्ति द्वारा कॉकरोच का संबोधन करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना हुई। पिछले दिनों इसके सस्थापक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई और अब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में युवाओं ने शिक्षामंत्री का इस्तीफा मांगा है वह बड़ी बात है। पीएम युवाओं से वार्ता करने में पीछे नहीं है इसलिए ऐसे आंदोलन जोर ना पकड़ पाए और युवा अब अपने अधिकारों को जानने लगा है। देश में अनेको घटनाएं हुई कि परिवार के किसी व्यक्ति के खिलाफ अभ्रदता हुई तो परिवार के युवाओं ने उसका बदला लिया। सरकार को युवाओं की उपस्थिति और जंतर मंतर पर प्रदर्शन को हल्के में नहीं लेना चाहिए और परीक्षाओं के पेपर लीक होने से बचाने के लिए प्रयास होने चाहिए। क्योंकि कहते हैं कि युवा सोच कुछ भी कर सकती है और उसका उदाहरण केंद्र व कई प्रदेशों में भाजपा की सरकार है। युवाओं ने भाजपा को वोट दी। पीएम मानते हैं कि युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह सैलाब किसी ओर रुख ना करे इसके लिए उनकी समस्याओं के समाधान के साथ काम को सरल बनाने की कोशिश होनी चाहिए। युवा जोश कब क्या कर गुजरे यह कोई कुछ नहीं कह सकता। मगर अभी युवाओं में पीएम के प्रति भरोसा है। वो बना रहे और अन्ना हजारे जैसे आंदोलन ना हो तो ही अच्छा है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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