लखनऊ, 06 जून (ता)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बिना नाम लेकर उन पर किए गए ‘टोंटी चोरी’ वाले कटाक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि इतने ऊंचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है। कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि लत से गलत की ओर वनस्पति विवेक छीन लेती है और निर्दाेष लोगों की हत्याओं का खौफ रातों की नींद। नहीं तो पूरे होश में इतने ऊंचे पद पर बैठकर इतना निकृष्ट बयान कोई नहीं देता है। कुछ लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं। ये हार की हताशा बोल रही है क्योंकि कुदरत का बुलडोजर अब घूम गया है।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिवस विश्व पर्यावरण दिवस पर नागरिकों से प्रकृति और जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया व स्मगलरों के प्रति सजग रहने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया कि कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को टोकें जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाएं, कोशिश हो कि पानी व्यर्थ न हो। कार्यक्रम को संबोधित हुए योगी आदित्यनाथ ने सियासी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हम हर घर नल जल योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, कोई टोटी चोरी कर ले रहा है। कोई टोंटी खुला छोड़ दे रहा है। यह बयान देते हुए योगी मंद-मंद मुस्कुराते भी नजर आए। योगी का बयान राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा गया। लोग इसे सपा नेता अखिलेश यादव पर लगे टोटी चोरी के आरोप से जोड़कर देखने लगे। हालांकि योगी ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया।
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