नई दिल्ली 01 जून। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने तीस जरूरी दवाओं की खुदरा कीमत तय कर दी है। इसमें विटामिन डी-3, ओरल सॉल्यूशन, कैल्शियम, विटामिन सप्लीमेंट, मधुमेह रोधी दवा, हृदय रोग की दवाओं के साथ अंग प्रत्यारोपण में इस्तेमाल होने वाली (इम्यूनोसप्रेसेंट) दवाएं शामिल हैं।
केंद्रीय औषध विभाग रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार एनपीपीए ने दवाओं की कीमत ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ) 2013 के प्रावधानों के तहत तय की गई है। एनपीपीए ने कहा कि कुछ चुनिंदा फॉर्मुलेशन के लिए दवाओं की कीमत तय की गई है उन्हें नई दवा की श्रेणी में रखा गया है। आदेश में जिन दवा बनाने वाली और मार्केटिंग कंपनियों का नाम है उनपर ये आदेश लागू होगा। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तय की गई कीमत में जीएसटी नहीं जोड़ा गया है।
हड्डी रोग की दवाएं सस्ती: विटामिन-डी 3 ओरल सॉल्यूशन जिसमें कोलेकैल्शिफेरोल 60,000 आईयू नैनो ड्रॉपलेट शामिल है। इसकी कीमत 14.91 रुपये तय की गई है। हड्डी रोग, विटामिन की कमी और न्यूरो संबंधी समस्या में दिए जाने वाले फॉर्मुलेशन जैसे कैल्शियम, विटामिन-डी 3, मिथाइलकोबालामिन, एल- मिथाइल फोलेट कैल्शियम व पायरीडोक्सल- 5 की कीमत तय कर दी गई है।
लिपिड मैनेजमंट में इस्तेमाल होने वाली एटोरवास्टाटिन और फेनोफाइब्रेट की प्रति टैबलेट कीमत 18.46 रुपये तय कर दी गई है। एलर्जी में दी जाने वाली दवा बिलास्टिन और मॉन्टेलुकास्ट की एक गोली की कीमत 21.22 रुपये तय कर दी गई है। हाइपरटेंशन और हृदय रोग में इस्तेमाल होने वाली बाइसोप्रोल फ्यूमरेट और एमलोडिपिन की प्रति टैबलेट कीमत 9.40 रुपये तय कर दी गई है। अंग प्रत्यारोपण के मरीजों में इस्तेमाल होने वाली तीन एमजी की दवा टार्कोलिमन प्रोलॉन्ग्ड रिलीज कैप्शूल की एक टैबलेट की कीमत 127 रुपये होगी।
दवा खरीदते वक्त पट्टी या डिब्बे पर लिखा MRP जरूर देखें. अगर दुकानदार MRP से ज्यादा मांग रहा है तो मना कर सकते हैं. NPPA के नियमों के मुताबिक, हर दवा दुकान पर प्राइस लिस्ट लगाना जरूरी है. शिकायत करनी हो तो NPPA की वेबसाइट nppa.gov.in पर जा सकते हैं या राज्य के ड्रग कंट्रोलर दफ्तर में शिकायत दर्ज करा सकते हैं. यह आदेश Akums Drugs, Alkem Wellness, Zydus Lifesciences, Ipca Laboratories, Dr. Reddy’s Laboratories, Intas Pharmaceuticals, Mankind Pharma और Macleods Pharmaceuticals जैसी बड़ी कंपनियों पर लागू है.

