फरीदाबाद 28 मई। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. दो साल के एक बच्चे को कई दिनों तक लगातार खांसी और बुखार की समस्या थी. परिवार इसे सामान्य मौसमी बीमारी समझकर इलाज कराता रहा, लेकिन जब हालत बिगड़ने लगी तो परिजन डाॅक्टर के पास पहुंचे. डाॅक्टरों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिससे सभी हैरत में पड़ गए. जांच में बच्चे के फेकड़े में रिमोट का बल्ब मिला.
डाॅक्टरों की जांच में सामने आया कि खेलते समय बच्चे ने टीवी के रिमोट का छोटा बल्बनुमा हिस्सा (आईआर एलईडी) निगल लिया था, जो उसके दाहिने फेफड़े की सांस की नली में जाकर फंस गया था. यह मामला तब सामने आया जब बच्चे को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी और दवाइयों का भी असर बंद हो गया.
बच्चे को 11 मई को फरीदाबाद स्थित निजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया. जांच में पता चला कि रिमोट का बल्ब फेफड़े के निचले हिस्से में गहराई तक फंसा हुआ है. डॉक्टरों के मुताबिक बल्ब में धातु के तार और कांच मौजूद होने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी. लंबे समय तक फंसे रहने से वहां सूजन और ग्रैनुलेशन टिश्यू भी बन गया था, जिससे ऑपरेशन और जटिल हो गया था.
बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए पीडियाट्रिक पल्मोनोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग की संयुक्त टीम ने इमरजेंसी ब्रोंकोस्कोपी की. एडवांस तकनीक की मदद से डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से बल्ब को फेकड़े से बाहर निकाला. ऑपरेशन के बाद अब बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है. उपचार के बाद अगले ही दिन बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

