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    Home»देश»यूपी में 31 हज़ार से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीयन रद्द, कई कब्रिस्तान-दरगाह पर संकट
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    यूपी में 31 हज़ार से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीयन रद्द, कई कब्रिस्तान-दरगाह पर संकट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMay 23, 2026No Comments9 Views
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    लखनऊ 23 मई। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण अभियान के तहत उम्मीद पोर्टल पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 31,328 संपत्तियों का पंजीयन रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई दस्तावेज़ों में बड़े पैमाने पर पाई गई खामियों, गलत प्रविष्टियों और तकनीकी त्रुटियों के चलते की गई है। राज्य में कुल 1,18,302 पंजीकृत वक्फ संपत्तियों में से 31,192 संपत्तियों पर लगे वक्फ के दावे को सिरे से खारिज कर दिया गया है ।

    अधिकारियों के अनुसार, निरस्तीकरण की सबसे बड़ी वजह दर्ज खसरा नंबर का वक्फ बोर्ड के मूल रिकॉर्ड से मिलान न होना और राजस्व अभिलेखों में संपत्ति का रकबा (क्षेत्रफल) बदला हुआ पाया जाना रही । कई मामलों में एक ही वक्फ नंबर के तहत कई संपत्तियाँ पंजीकृत कर दी गई थीं, जबकि कहीं गलत आँकड़े और अधूरे दस्तावेज़ जमा किए गए थे । सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ज़ुफ़र अहमद फ़ारूकी ने पुष्टि करते हुए कहा, “ज़्यादातर मामलों में केयरटेकर्स ने या तो डेटा गलत दर्ज किया है या दस्तावेज़ पर्याप्त नहीं थे।”

    प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, राजधानी लखनऊ में 1,114 संपत्तियाँ प्रभावित हुई हैं ।जौनपुर में जहां 1,938 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया है तो वहीं बाराबंकी में 1521, मुजफ्फरनगर में 1510, अलीगढ़ में 1061, बस्ती में 1000, उन्नाव में 908, सीतापुर में 906, हरदोईमें 891, आजमगढ़ में 886 और लखनऊ में 875 संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं. प्रभावित संपत्तियों में छोटी मस्जिद की ज़मीनों से लेकर 300 एकड़ से अधिक में फैले बड़े कब्रिस्तान तक शामिल हैं । श्रेणी के अनुसार देखें तो सबसे अधिक निरस्तीकरण कब्रिस्तानों का हुआ, जिसके बाद मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, इमामबाड़ों और दरगाहों का नंबर है ।
    हालांकि वक्फ बोर्ड के अधिकारियों का यह भी कहना है कि मुतवल्लियों के पास अभी 5 जून तक का समय है. वे सही दस्तावेजों के साथ दोबारा संपत्ति अपलोड कर सकते हैं. यदि इस अवधि में कमियां दूर नहीं हुईं तो संबंधित संपत्तियां पोर्टल से बाहर हो जाएंगी.

    उत्तर प्रदेश में, UP सुन्नी वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 1.26 लाख से अधिक वक्फ संस्थान आते हैं. यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के “उम्मीद” पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसे जून 2025 में वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था. इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अनिवार्य कर दिया गया है, जो 5 अप्रैल को लागू हुआ था.

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