जालौन, 23 मई (ता)। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई से दिल चीरने वाली खबर सामने आई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार में कलह इस कदर हावी हुई की एक मां ने आवेश में आकर ममता का गला घोंट दिया। गत रात दंपती के बीच नोकझोंक के बाद मां ने चार साल की बेटी की गमछे से गला कसकर हत्या कर दी। इस वारदात को दस साल के बेटे ने मोबाइल से वीडियो बना लिया था। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
आटा क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा निवासी राजकुमार रात दोनों बेटों उमंग (10) और मयंक के साथ लेटे थे। पत्नी विनीता दूसरी चारपाई पर बेटी नैना (4) के संग लेटी थी। पति का आरोप है कि पत्नी दो दिन से मायके जाने की जिद कर रही थी। उसने पैसे ने होने का हवाला दिया था।
रात में जब सब सो गए तभी विनीता ने बेटी को मार दिया। बिजली जाने पर नींद खुली तो देखा बेटी जमीन पर पड़ी है और विनीता बैठी थी और मासूम बच्ची का गला कस रही थी। इसी दौरान बेटे उमंग ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई है।
आटा थाना क्षेत्र के अकबरपुर इटौरा गांव में घरेलू कलह में चार वर्षीय मासूम बेटी की हत्या के मामले में पति राजकुमार ने कहा कि कुछ दिनों से उसकी पत्नी का व्यवहार काफी चिड़चिड़ा हो गया था। वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है और सीमित आमदनी के कारण पत्नी की सभी इच्छाएं पूरी नहीं कर पाता था।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। राजकुमार ने कहा कि गत दिवस भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि उसी दौरान विनीता ने कहा था कि “या तू रहेगा या मैं। राजकुमार का कहना है कि अगर वह समय रहते जाग नहीं जाता तो संभव है कि उसे ही इस मामले में फंसा दिया जाता।
घटना के बाद से परिवार पूरी तरह टूट गया है और गांव में दहशत व शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार विनीता ने गमछे का टुकड़ा फाड़कर बच्ची के गले में बांधा और उसे कस दिया। घटना को लेकर गांव में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है।
लोग कह रहे हैं कि जिस मां की गोद में बच्ची खुद को सबसे सुरक्षित समझती थी, उसी ने उसकी जिंदगी छीन ली। कहा गया कि घटना से पहले विनीता ने जमीन पर लाल साड़ी बिछाई थी। इसके बाद वह नैना को गोद में उठाकर वहां ले गई। घटना के बाद बच्ची का शव उसी साड़ी पर पड़ा मिला।
यह दृश्य देखकर गांव की महिलाओं की आंखें नम हो गईं। घर में तीन चारपाइयां बिछी थीं। एक पर राजकुमार अपने दोनों बेटों के साथ सो रहे थे, जबकि दूसरी पर विनीता और नैना थीं। तीसरी चारपाई खाली पड़ी थी। रात में बच्ची की जान चली गई और पास में सो रहे पिता व भाइयों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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