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    Home»देश»श्रीराम और माता सीता वनवास के दौरान खाते थे काफल फल
    देश

    श्रीराम और माता सीता वनवास के दौरान खाते थे काफल फल

    adminBy adminMay 23, 2026No Comments2 Views
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    शिमला, 23 मई (ता)। हिमाचल के जंगालों में एक ऐसा फल पाया जाता है, जिसका जिक्र रामायण में भी मिलता है। वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और भ्रता लक्ष्मण भी इस फल को बड़े शौक से ग्रहण करते थे। इन दिनों इस फल की पर्यटकों में भी भारी डिमांड है। पर्यटक स्थल कुफरी, सिलोनबाग, कोटी, मुडाघाट व जुन्गा के अनेक क्षेत्रों में इन दिनों काफल पक कर तैयार हो गया है। जिसका पर्यटक खूब आन्नद ले रहे हैं।
    ग्रामीण परिवेश के लोग जंगलों में काफल को चुनने में पूरा दिन लगे रहते हैं। काफल के पेड़ काफी ऊंचे होते है। गांव के लोग अपनी जान जोखिम मे डालकर काफल का एक-एक दाना बड़े चाव से चुनकर बैग में भर कर घर लाते हैं। काफल फल ग्रामीण लोगों के लिए आय का साधन भी बन चुका है। इस क्षेत्र के लिए काफल को पर्यटक स्थल कूफरी, चायल, सिलोनबाग में सडक़ के किनारे बैठकर बेचते है जिसका पर्यटक खूब लुत्फ उठाते हैं।
    क्या होता है काफल
    काफल एक जंगली फल है, जो कि सभी औषधीय गुणों से भरपूर है। यह फल हिमाचल प्रदेश सहित हिमालय के अन्य क्षेत्रों में जंगली तौर पर पाए जाने वाला एक सदाबहार पेड़ है, जो कि कई औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण शरीर की प्रतिशोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत सहायक होता है। काफल के पेड़ 1000 से 2000 मीटर की ऊंचाई में पाए जाते हैं। यह फल रस से भरपूर होता है तथा इसका स्वाद खटटा-मिठा होता है। जनश्रुति के अनुसार भगवान राम व सीता वनवास के दौरान काफल फल का प्रसाद बड़े शौक से ग्रहण करते थे।
    औषधीय गुणों का खजाना
    आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वबंधु जोशी के अनुसार काफल में विटामिन्स, आयरन व एंटी ऑक्सीडेंटस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त काफल में कई प्रकार के प्राकृतिक तत्व जैसे माईरिकेटिन और ग्लाकोसाइडस भी विद्यमान हैं। काफल की पत्तियों में लावेन 4, हाईड्रोक्सी 3 पाया जाता है। काफल के पेड़ की छाल, फल तथा पत्तियां भी औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है ।
    नहीं फटकती बीमारियां
    नेशनल मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक, क्षेत्रीय एवं सुगमता केंद्र उत्तर भारत स्थित जोगिंद्र नगर का कहना है कि काफल जंगल में पाए जाने वाला एक विशेष मौसमी फल है। औषधीय गुणों से भरपूर यह फल शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। इस फल के सेवन से जहां कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है।

    Desh Lord Rama and Mother Sita used to eat Kaaphal fruit during their exile in the forest. shimla tazza khabar tazza khabar in hindi
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