मेरठ 14 मई (प्र)। जानी थाने के भोला झाल पर ढाबा संचालक को पुलिसकर्मियों से खाने के रुपये मांगने भारी पड़ गया। रोहटा थाने के पुलिसकर्मियों ने मंगलवार देर रात करीब डेढ बजे ढाबा संचालक के साथ मारपीट की और पूरा ढाबा तोड़ दिया। इसके बाद सूचना यूपी 112 पर दी गई, जिसके बाद जानी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इसी घटना को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बुधवार सुबह कांवड़ पटरी मार्ग पर जाम लगाते हुए हंगामा किया। एसएसपी ने दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर जांच बैठा दी है।
भोला झाल निवासी यशपाल पुत्र मंगते सैनी और उसका भाई सोनू भोला गंगनहर के पास ढाबा चलाते हैं। मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे रोहटा थाने के पांच पुलिसकर्मी ढाबे पर खाना खाने के लिए पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने खाना खाने के लिए आर्डर दिया और खाना खाकर बिना पैसे दिए जाने लगे। ढाबा संचालक यशपाल व उसके भाई ने खाने के रुपये मांगे तो पुलिसकर्मी भड़क गए और वर्दी का रौब दिखाते हुए धमकाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि ढाबा संचालक ने जब दोबारा रुपये मांगे तो आरोपी पुलिसकर्मियों ने मिलकर ढाबा संचालक यशपाल व उसके भाई सोनू को बुरी तरह से पीटा। बीच बचाव में आए बाकी कर्मचारियों को भी मारा। इतना ही नहीं, टीवी समेत बाकी सामान भी तोड़ दिया और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष ने इस बात की सूचना यूपी 112 पर कर दी। घटना की जानकारी पर जानी पुलिस मौके पर पहुंची और यूपी 112 की बाइक भी पहुंच गई। हालांकि मामला रोहटा थाने के पुलिसकर्मियों से जुड़ा था, इसलिए मामले को दबाने का प्रयास किया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष ने बुधवार की सुबह ढाबे पर पहुंचकर हंगामा कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने गंगनहर कांवड़ मार्ग पर जाम लगा दिया और कुछ सामान रास्ते पर डाल दिया। इसके बाद जानी थाना प्रभारी गौरव विश्नोई फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
घटना के समय पांच पुलिसकर्मी मारपीट में शामिल थे। यशपाल ने अपनी शिकायत में भी इन लोगों के बारे में जानकारी दी है। अधिकारियों ने दो पुलिसकर्मियों को ही सस्पेंड किया है।
बाकी पुलिसकर्मियों को क्यों और किसने बचाया है। साथ ही मारपीट, तोड़फोड़, धमकी देने और बाकी आरोप में तहरीर देने के बावजूद पुलिसकर्मियों पर अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। आखिर क्यों पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने घटना की जानकारी ली और सीओ सरधना आशुतोष कुमार से प्रारंभिक जांच के लिए कहा। सीओ की रिपोर्ट दो पुलिसकर्मी सिपाही अमित कुमार और भारत को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही इस मामले में विभागीय जांच बैठा दी गई।

