लखनऊ 24 फरवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को होली से पहले बड़ी सौगात दी है. योगी सरकार ने उनकी अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने का फैसला किया है. प्रदेश सरकार ने एडेड एवं परिषदीय सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की अधिकतम ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने पर सहमति दे दी है.
इस फैसले से प्रदेश के करीब ढाई लाख से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधे तौर पर फायदा होगा. आपको बता दें, लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी. अब तक प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को अधिकतम 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिल रही थी. जबकि, दो जुलाई 2024 से प्रदेश सरकार के नियमित कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपए हो गई थी. इस असमानता को लेकर माध्यमिक शिक्षक संगठन हमेशा आवाज बुलंद करता रहा.
माध्यमिक शिक्षक संगठन का तर्क था कि समान सेवा और जिम्मेदारियों के बावजूद ग्रेच्युटी में अंतर सही नहीं है. पिछले एक साल से शिक्षक संगठन राज्यकर्मियों के समान सुविधाएं देने की मांग कर रहे थे. अब उनकी इस मांग पर प्रदेश सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने का फैसला कर लिया है. बताया जा रहा है कि राज्य कर्मियों की तर्ज पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है.
इस प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर अंतिम रूप देने के बाद इसे वित्त विभाग को भेज दिया गया है. वित्त विभाग की औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद शासनादेश जारी हो जाएगा और ये पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा. प्रस्ताव लागू होने के बाद सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी रिटायरमेंट के समय 25 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी पाने के पात्र होंगे.

