चंडीगढ़, 25 जून (ता)। हरियाणा के बेरी (झज्जर) स्थित प्रसिद्ध मां भीमेश्वरी मंदिर को श्राइन बोर्ड के अधीन लाने के बाद अब वहां कार्यरत कर्मचारियों के सामने वेतन संकट खड़ा हो गया है। मंदिर के 22 कर्मचारियों को पिछले करीब छह माह से वेतन नहीं मिला है।
आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर लंबित वेतन जारी कराने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि मंदिर प्रशासन व्यवस्था बदलने के बाद से उनकी नियमित आय प्रभावित हुई है और अब परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
मंदिर कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कहा कि मंदिर पहले ट्रस्ट के अधीन संचालित होता था, लेकिन 3 दिसंबर से इसे श्राइन बोर्ड के अधीन कर दिया गया। इसके बाद से प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव तो हुआ, लेकिन कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मामला लंबित रह गया। प्रतिनिधिमंडल में विकास पुरी, राजेश शर्मा, प्रदीप वत्स, रजत कुमार, मनोज कुमार, मुन्नीलाल, सुल्तान सिंह और कमल कुमार शामिल रहे। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि कई महीनों से वेतन नहीं मिलने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना चुनौती बन गया है।
कर्मचारियों के मुताबिक वे इस मामले को लेकर बेरी की एसडीएम एवं श्राइन बोर्ड की सीईओ रेणुका नांदल और झज्जर उपायुक्त से भी मिल चुके हैं। अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया कि वेतन भुगतान से संबंधित मंजूरी के लिए मामला अंतिम स्तर पर चंडीगढ़ भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक राशि जारी नहीं हो सकी। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान न होने से कर्मचारियों में चिंता बढ़ रही है।
मंदिर कर्मचारियों का कहना है कि शृाइन बोर्ड व्यवस्था लागू होने के बाद जनवरी माह से मंदिर परिसर में सरकार की ओर से दानपात्र भी स्थापित किए जा चुके हैं और संचालन की प्रक्रिया नए ढांचे के अनुसार चल रही है। इसके बावजूद कर्मचारियों का भुगतान लंबित रहने से असंतोष बढ़ रहा है। मंदिर में पुजारी, सहायक पुजारी, सेवादार, सफाई कर्मचारी और चौकीदार सहित कुल 22 लोग कार्यरत हैं।
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