बेंगलुरु, 02 फरवरी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ‘आईएमईएक्स-2026’ नाम की एक खास पहल शुरू की है। इसके तहत भारतीय शोधकर्ताओं, कॉलेज छात्रों और स्टार्टअप को अंतरिक्ष में प्रयोग करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन प्रयोगों का इस्तेमाल भविष्य के गगनयान मिशन और भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन में किया जाएगा। रोमांचक बात यह है कि इसरो कृषि, दवा बनाने और अंतरिक्ष बायोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट को बढ़ावा देना चाहता है। चुने गए प्रोजेक्ट को पहले पृथ्वी पर परखा जाएगा और फिर उन्हें अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसरो इन वैज्ञानिकों को तकनीकी मदद देगा और मार्गदर्शन भी करेगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी, 2026 है।
इसरो न केवल तकनीकी सहायता देगा, बल्कि अपने ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के साथ आधिकारिक जुड़ाव का मौका भी प्रदान करेगा। यह अवसर उन स्टार्टअप के लिए है, जो इन-स्पेस मैन्युफैक्चरिंग और फायर सेफ्टी जैसे जटिल विषयों पर काम करना चाहते हैं। सफल प्रयोगों से मिलने वाला डाटा भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतरिक्ष में भोजन और दवाओं की उपलब्धता को आसान बनाएगा।
Trending
- अमेरिका, चीन व जर्मनी को पीछे छोड़ा भारत ने निजी खपत बढ़ाने के मामले में
- शाइन सिटी का मालिक राशिद नसीम यूएई में गिरफ्तार
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस: वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के लिए ₹145 टोल
- इंस्टाग्राम पर फॉलोवर के मामले में दुनिया में सबसे लोकप्रिय पीएम मोदी को सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए की बधाई
- गरम होता समुद्र का पानी प्रदूषित होती हरनंदी, काली नदी को स्वच्छ रखने हेतु देवप्रिया जैसे कारखाने बंद कराए जाएं
- मां भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन व प्रणाम करते हैं
- बच्चों का बेली अस्पताल मेडिकल टेस्ट कराकर पुलिस को दी लिफाफे में रिपोर्ट
- भारत दौरे पर कनाडा के प्रधानमंत्री

