नई दिल्ली 06 मार्च। भारतीय सिनेमा और थिएटर जगत के वरिष्ठ अभिनेता विजय कृष्णा का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अपने सधे हुए अभिनय, प्रभावशाली संवाद और सौम्य व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध विजय कृष्णा ने रंगमंच और फिल्मों दोनों ही माध्यमों पर अपनी कला की अमिट छाप छोड़ी। उनके निधन की खबर से कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
विजय कृष्णा पिछले ढाई दशक से अधिक समय तक थिएटर की दुनिया में सक्रिय रहे। वे उन विरले कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने व्यावसायिक सफलता के बजाय कला की शुद्धता को प्राथमिकता दी। रंगमंच उनके लिए केवल मंच नहीं, बल्कि साधना स्थल था। उनके निधन पर थिएटर और फिल्म जगत की दिग्गज हस्तियों, जिनमें Lilet Dubey भी शामिल हैं, ने उन्हें ‘थिएटर परिवार’ का एक अनिवार्य हिस्सा बताया।
बॉलीवुड में विजय कृष्णा को सबसे बड़ी पहचान संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ (2002) से मिली। इस पीरियड ड्रामा में उन्होंने शाहरुख खान के पिता, ‘नारायण मुखर्जी’, का गंभीर किरदार निभाया। शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित जैसे सितारों के बीच भी उनका संतुलित और प्रभावशाली अभिनय दर्शकों के लिए यादगार साबित हुआ।
एक्टर विजय कृष्ण के बारे में बात करें तो वह थिएटर की दुनिया का जाना-माना नाम थे। उन्होंने दो दशकों तक अभिनय किया। उन्होंने महेश दत्तानी के नाटक पर बनी इंग्लिश फिल्म ‘डांस लाइक अ मैन’ जो 2004 में रिलीज हुई थी, उसमें अपने रोल के लिए खूब वाहवाही लूटी थी। इससे पहले वह संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ में 2002 में शाहरुख खान के पिता के रोल में दिखाई दिए थे। इसके अलावा, 2007 में आई ‘चैन खुली की मैन खुली’ में कोच की भूमिका में थे और ऋतिक रोशन-ऐश्वर्या राय के साथ ‘गुजारिश’ में भी नजर आए थे। इन्होंने ‘पीके’ और ‘गांधी’ (1982) में भी काम किया था।

