नई दिल्ली/वॉशिंगटऩ, 09 मई (ता)। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम और 1,000 कैदियों की अदला-बदली की घोषणा की है। यह समारोह द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से न केवल सैन्य अभियान रुकेंगे बल्कि युद्ध शुरू होने के बाद से कैदियों की सबसे बड़ी अदला-बदली भी होगी। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन के साथ नौ से 11 मई तक युद्धविराम करने और इस अवधि के दौरान यूक्रेन के साथ “हजार के बदले हजार” कैदियों की अदला-बदली करने की श्री ट्रंप की पहल पर सहमति व्यक्त की है।
यह अस्थाई युद्धविराम नौ मई से 11 मई तक रहेगा और यह चार साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में जारी राजनयिक प्रयासों के बीच हुआ है। ट्रंप की घोषणा के कुछ ही समय बाद, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि किया कि यूक्रेन युद्धविराम में शामिल होगा। रूसी सरकारी मीडिया ने भी कहा कि रूस ने प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। ज़ेलेंस्की ने एक्स पर पुष्टि किया कि युद्धविराम की व्यवस्था अमरीका के नेतृत्व में युद्ध को समाप्त करने के लिए किए जा रहे वार्ता प्रयासों के अंतर्गत की गई है जो अब चार साल से अधिक समय से चल रहा है।
उशाकोव ने बाद में कहा कि “अमरीकी प्रशासन के साथ हमारी टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान इस मामले पर एक समझौता हुआ। अमेरिकी प्रतिनिधि यूक्रेन के संपर्क में भी थे।” उशाकोव के अनुसार, यह समझौता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और श्री ट्रम्प के बीच हाल ही में हुई फोन कॉल के बाद हुआ, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हमारे देश सहयोगी थे और विजय दिवस समारोह के दौरान युद्धविराम की संभावना पर भी चर्चा की।
यह घोषणा कई दिनों से बढ़ते तनाव के बाद हुई है, जिसमें रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे पर रूस के विजय दिवस समारोह से जुड़े अलग-अलग युद्धविरामों के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगा रहे हैं। रूस ने इससे पहले नौ मई के विजय दिवस समारोह से जुड़ा एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी जबकि यूक्रेन ने कहा कि उसने पहले ही छह मई से व्यापक युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दावा किया कि रूस ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया। लगभग दो दशकों में पहली बार, रूस में विजय दिवस परेड में सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा क्योंकि यूक्रेन द्वारा समारोहों को बाधित करने के प्रयास की आशंकाओं के कारण अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।
अधिकारियों ने मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग दोनों शहरों के निवासियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा कारणों से आयोजनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट की सुविधा प्रतिबंधित हो सकती है। उल्लेखनीय है कि रूस का वार्षिक रेड स्क्वायर सैन्य परेड, जो वैश्विक नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय जमावड़े के रूप में जाना जाता है, इस वर्ष बहुत छोटे पैमाने पर आयोजित होने की उम्मीद है। केवल बेलारूस, मलेशिया और लाओस के नेताओं के साथ-साथ कुछ अन्य गणमान्य व्यक्तियों के ही शामिल होने की उम्मीद है।
इसी बीच, ट्रंप ने यूक्रेन संघर्ष के समाधान में सहायता के लिए रूस में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा व्यक्त की है। यूक्रेन पर बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रूस भेजने की तत्परता के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा, “अगर मुझे लगता है कि इससे मदद मिलेगी तो मैं ऐसा जरूर करूंगा।”
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