छपार (मुजफ्फरनगर) 07 जुलाई। बीफार्मा व बीएएमएस के कूटरचित दस्तावेज बनाकर आर्थिक लाभ अर्जित करने वाले गिरोह के तीन आरोपितों को पुलिस व एसओजी ने गिरफ्तार किया है। इनमें से 15 हजार का इनामी बाबा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी का डायरेक्टर, दूसरा चिकित्सक व तीसरा सपा का नेता है। आरोपितों के पास से पुलिस ने एक कार और भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट भी बरामद की है। ये पंजाब से फर्जी डिग्री तैयार कराते थे।
पुलिस लाइन में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि छपार पुलिस को आइजीआरएस के माध्यम से शिकायत मिली कि गांव शेरपुर निवासी इमलाख उर्फ इमलाक रुपये लेकर धोखाधड़ी करता है और अपने इंस्टीट्यूट में मूल दस्तावेज देने के नाम पर रुपये मांगता है। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपित इमलाख बरला बसेड़ा मार्ग पर स्थित अपने इंस्टीट्यूट में धोखाधड़ी से रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज बनाता है। सोमवार को छपार पुलिस व एसओजी ने संयुक्त रूप से बरला बसेड़ा मार्ग पर ताजपुर रजवाहे के पास से कार से आरोपित इमलाख, डा. वीके गौतम हाल निवासी हिमालयन मेडिकेयर डायग्नोस्टिक सेंटर हुंडई शोरूम रुड़की रोड हरिद्वार उत्तराखंड, मूल निवासी शामली बस स्टैंड के पास मुजफ्फरनगर व डा. मन्सूर उलहक निवासी शिवपुरी थाना खतौली मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने बताया कि आरोपित सिंडिकेट चलाकर फर्जी डिग्री तैयार कर दो से छह लाख रुपये वसूलते थे। इनके पंजाब से संबंध बताए जा रहे हैं। आरोपित इमलाख बाबा इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी का चेयरमैन व डायरेक्टर है। वह बीफार्मा, डी फार्मा, बीएएमएस की फर्जी डिग्री बनवाता है। पूर्व में भी उसे उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया था, जिसमें वह दो साल तक में जेल रहा है। इसके अलावा भी उसके विरुद्ध में मुजफ्फरनगर व उत्तराखंड धोखाधड़ी, गैंग्स्टर एक्ट सहित संगीन धाराओं में 11 मुकदमे दर्ज हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के लिए थाना छपार पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई।

