Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बिल्डर के घर से नौकरों ने उड़ा डाले 18 करोड़ के गहने और नकदी
    • एक फीट ताजा बर्फबारी पर्यटन स्थल सोलंगनाला में
    • हर महीने लाखों लोग खरीदते हैं भारत में ये 5 मोटरसाइकल को
    • सबसे कम काम और सबसे ज्यादा तनख्वाह लेते हैं! सरकार बैंकों की हड़ताल पर लगाए रोक या उन्हें घर बैठे तनख्वाह दे लेकिन ग्राहकों का हित प्रभावित ना हो
    • यूजीसी के नियमों और शंकराचार्य के अपमान के विरोध पर सरकार करे गंभीर मनन, सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद इस विषय को लेकर आए उबाल का निकाला जाए सर्वसम्मत समाधान
    • बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘एनिमल पार्क’ के अगले भाग पर काम चल रहा है : रणबीर कपूर
    • इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर एआई के लिए देना होगा शुल्क
    • मदरसे के बच्चों ने लगाये प्रभात फेरी में धार्मिक नारे
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»सबसे कम काम और सबसे ज्यादा तनख्वाह लेते हैं! सरकार बैंकों की हड़ताल पर लगाए रोक या उन्हें घर बैठे तनख्वाह दे लेकिन ग्राहकों का हित प्रभावित ना हो
    देश

    सबसे कम काम और सबसे ज्यादा तनख्वाह लेते हैं! सरकार बैंकों की हड़ताल पर लगाए रोक या उन्हें घर बैठे तनख्वाह दे लेकिन ग्राहकों का हित प्रभावित ना हो

    adminBy adminJanuary 28, 2026No Comments9 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    देश में सरकारी कर्मचारियों और अफसरों से ज्यादा सुविधाएं प्राप्त करने वाले बैंक कर्मचारियों द्वारा यूएफबीयू के आहवान पर बीते दिवस देशभर में हड़ताल की गई। बताते हैं कि ८४ हजार कर्मचारी हड़ताल पर रहे जिससे प्रदेश की ६६०० शाखाएं बंद रहीं। लखनऊ में करीब २५०० करोड़ की क्लीयरिंग प्रभावित हुई। लोकतंत्र में अपनी बात कहने का सबको अधिकार है मगर सुविधाजनक सेवा मेें आने के बाद यह ध्यान रखना भी हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि जिस क्षेत्र में भी वह कार्यरत है उससे संबंध नागरिकों के समक्ष उनके कारण कोई कठिनाई पैदा ना हो। नौ यूनियन के संयुक्त मंच ऑल इंडिया बैक कर्मचारी के अध्यक्ष की मानें तो चार लाख करोड़ के चेक क्लीरियंस के कारण हुए रहे। नकद लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों को मिलने वाली सुविधाएं पर्याप्त है जबकि ज्यादातर कर्मी डयूटी निभाने के बजाय ग्राहकों से दुर्व्यहवहार करते नजर आते हैं। मेरा मानना है कि या तो सरकार बैंक कर्मियों की हड़ताल पर रोक लगाए चाहे उन्हें घर बैठे वेतन देने लगे मगर जो समस्याएं जनता के सामने हैं उनका समाधान होना चाहिए और जो चेक हड़ताल के दौरान जमा होने चाहिए थे ऐसे चेकों को हड़ताल की अवधि का छूट देते हुए तीन माह की अवधि पूरी होने पर क्लीयरंस का लाभ दिया जाना वक्त की सबसे बड़ी मांग है। बैंक ग्राहकों का हित सर्वोपरि मानते हुए कार्रवाई हो।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    बिल्डर के घर से नौकरों ने उड़ा डाले 18 करोड़ के गहने और नकदी

    January 28, 2026

    एक फीट ताजा बर्फबारी पर्यटन स्थल सोलंगनाला में

    January 28, 2026

    हर महीने लाखों लोग खरीदते हैं भारत में ये 5 मोटरसाइकल को

    January 28, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.