लखनऊ, 20 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के आधार पर प्रदेशभर में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों के मानदेय में इजाफा होने जा रहा है। विभागों द्वारा आउटसोर्सिंग के लिए किए जाने वाले टेंडर में नई सेवा शर्तों और मानेदय को शामिल किया जा रहा है। इसके आधार पर विभागों में आउटसोर्स पर कार्यरत कर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलने का रास्ता साफ होने जा रहा है। कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी अप्रैल महीने से मिलेगी। सैलरी मानदेय के अलावा कर्मचारियों को अब 13 फीसदी ईपीएफ और 3.25 फीसदी ईएसआई भी मिलेगा।
सेवा शर्तों के मुताबिक चौकीदार, चपरासी को 10 हजार के स्थान पर 18 हजार, अनुवादक, कंप्यूटर आपरेटर, डाटा एंट्री आपरेटर को करीब 23 हजार रुपये दिए जाने का टेंडर किया जा रहा है। सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, सीनियर प्रोगामर को 37 हजार, स्टैटिकल ऑफिसर 29 हजार और सीनीयर डाटा एंट्री आपरेटर को करीब 30 से 31 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है। विभागों द्वारा अपने टेंडर प्रकिया में इन सेवा शर्तों को शामिल किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनने के बाद ऐसी कर्मियों को मानदेय देने को लेकर कोई अड़चन न आए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से तैनात किए गए कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है। विधानसभा क्षेत्रों में तैनात दो-दो कंप्यूटर ऑपरेटरों, जिला मुख्यालयों में तैनात प्रोग्रामरों व चपरासियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने को लेकर टेंडर जारी कर दिया है। अभी तक कंप्यूटर ऑपरेटरों को 15600 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। अब ईपीएफ सहित इन्हें 23000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
सरकार ने आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम दरें जारी की हैं। इसके तहत भर्ती होने वाले डॉक्टरों को 40 हजार रुपए तक सैलरी मिलेगी। वहीं, शिक्षण सेवाओं के लिए 25 हजार रुपए तक वेतन दिया जाएगा।

