बिजनौर, 16 जनवरी। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव महमूदपुर भावता में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पड़ोसी द्वारा रास्ते पर किए गए अतिक्रमण के कारण एक महिला की अर्थी 24 घंटे तक घर में ही रखी रही। कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन रास्ता नहीं खुलवा सका। आखिरकार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शौचालय के ऊपर से महिला की अर्थी निकलवाई।
कोतवाली देहात के गांव महमूदपुर भावता निवासी सोनू कुमार की 30 वर्षीय पत्नी ज्योति लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थी। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। सोनू के पास लगभग 50 वर्ग गज सरकारी पट्टे की भूमि है, जबकि पड़ोसी टीकम और विजय सिंह के पास करीब 100 वर्ग गज भूमि का पट्टा है। सोनू और उसके भाई कृपाल का परिवार टीकम के पीछे की ओर रहता है, जिनके आवागमन के लिए छह फीट का रास्ता छोड़ा गया था।
आरोप है कि टीकम ने उस रास्ते की तीन फीट भूमि पर शौचालय का निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया, जिससे रास्ता मात्र तीन फीट का रह गया। सोनू का कहना है कि उसने कई बार शासन-प्रशासन से रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पत्नी की मौत के बाद भी सोनू ने ग्रामीणों और प्रशासन से रास्ता खुलवाने का अनुरोध किया, ताकि अर्थी निकाली जा सके, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। रास्ता संकरा होने के कारण शव बाहर निकालना संभव नहीं हो पा रहा था। मजबूर होकर सोनू ने गुरुवार को पड़ोसियों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए शौचालय के ऊपर से ही महिला की अर्थी निकलवाई गई। मृतका अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गई है। इस घटना के बाद गांव में रोष का माहौल है और लोग प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल उठा रहे हैं।
नगीना सीओ अंजनी चतुर्वेदी का कहना है कि दोनों एक ही पक्ष के लोग हैं। रास्ता तंग होने की वजह से अर्थी नहीं निकलने की सूचना देने चौकीदार के साथ मृतक पक्ष थाने में आए थे। हल्का दरोगा को मौके पर भेज दिया गया था। पुलिस ने अर्थी को निकलवा दिया। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। दोनों पक्षों में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। मामले में हल्का लेखपाल में कानूनगो को शिकायत की जांच करने को कहा गया है।
