Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • पराक्रम की प्रतीक पूजनीय मातृशक्ति को समय आ गया है बराबरी का अधिकार मिलने का
    • मोदी ट्रंप की वार्ता शांति बहाली में अच्छा संकेत
    • जनसंख्या बढ़ाने का मोहन भागवत का कथन है देशहित में
    • गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने जो संघर्ष किया पत्रकारिता और साहित्य में आज भी जारी है
    • यूपी में कल से बिगड़ेगा मौसम, 5 दिनों तक बारिश-ओले का अलर्ट जारी
    • हर सुनने वाले के दिल को छू लेगा ‘चांद देख लेना’ गीत
    • शो ट्रेटर का हिस्सा बनने की अफवाहें नेहा धूपिया ने खारिज कीं
    • केस जारी रखना औचित्यहीन यदि आरोपित व पीड़िता शादी करके खुशहाल जीवन बिता रहे हैं
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»पराक्रम की प्रतीक पूजनीय मातृशक्ति को समय आ गया है बराबरी का अधिकार मिलने का
    देश

    पराक्रम की प्रतीक पूजनीय मातृशक्ति को समय आ गया है बराबरी का अधिकार मिलने का

    adminBy adminMarch 25, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    लगता है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में संख्या के हिसाब से भागीदारी का समय आता जा रहा है। आजकल जो इस बारे में खबरें मिल रही हैं उनसे लगता है कि पुरुष प्रभावी समाज में अब विचारों में मंथन होने लगा है कि जब मातृशक्ति हर क्षेत्र में सफल है तो उसे बराबर का अधिकार क्यों ना मिले। एक खबर मिली की संसद में महिलाओं की इतनीसीटें होंगी तो बीते दिवस कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन कार्यालय में महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की रुपरेखा के लिए सरकार से विचार के लिए सर्वदलीय बैठक पर जोर दिया गया। इस बारे में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह भी किया गया। दूसरी तरफ सेना में भी अब महिला अफसरों को भी स्थायी कमीशन मिलेगा और जिनकी सेवा पहले खत्म हो चुकी है उन्हें भी इस हिसाब से पेंशन मिलेंगी। यह बिंदु और समाचार पढ़कर ऐसा लगता है कि जल्द ही पुरुषों की बराबरी में खड़े होकर देश और समाज के उत्थान में अपनी कामयाबी का परचम फहरा सकती है नारी शक्ति।
    ध्यान से सोचे तो इस काम में बहुत देर की गई है। यह तो कई दशक पहले हो जाना चाहिए था। क्योंकि हर परिस्थिति में परिवार को बांधे रखने के साथ ही सभी की जरुरतों को पूरा कर तालमेल बनाने में सफल महिलाएं किसी मैनेजमेंट कॉलेज में डिग्री प्राप्त लोगों से भी अच्छा मैनेजमेंट करने में सफल हैं। कहते हैं कि परिवार की गाड़ी के महिला पुरुष दो पहिये हैं। अगर तालमेल बना रहेगा तो सबकुछ ठीक चलेगा। दूसरी तरफ नारी शक्ति के पराक्रम और मान प्रतिष्ठा की कहानी इतिहास में दर्ज है। रानी लक्ष्मीबाई अहिल्या बाई के बारे में आज भी स्कूलों में पढ़ाया जाता है। वर्तमान में हम नवरात्रि मना रहे हैं जिसमें नौ देवियों की पूजा हो रही है। महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की मुहिम समाज और देशहित में जल्द पूरी की जाए और मातृशक्ति को मजबूत बनाने के लिए उन्हें युद्ध कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाए। वैसे तो महिलाएं आज खुद ही सतर्क हैं। अष्टमी नवमी और दशमी मनाने जा रहे हैं। इसलिए अगर मातृशक्ति को नमन करनेे की शुरुआत ऐसे समय में की जाए तो ज्यादा अच्छा है। दुनिया में जितनी महिला राष्टाध्यक्ष रही उनकी कार्यनीति और सोच के किस्से हम आज भी सुनते सुनाते हैं तो सब मिलकर महिलाओं के सम्मान के लिए प्रयास शुरू करें।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    मोदी ट्रंप की वार्ता शांति बहाली में अच्छा संकेत

    March 25, 2026

    जनसंख्या बढ़ाने का मोहन भागवत का कथन है देशहित में

    March 25, 2026

    गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने जो संघर्ष किया पत्रकारिता और साहित्य में आज भी जारी है

    March 25, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.