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    Home»देश»चमत्कारिक रूप से फिर बढ़ने लगी ‘सिद्धिविनायक’ की प्रतिमा
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    चमत्कारिक रूप से फिर बढ़ने लगी ‘सिद्धिविनायक’ की प्रतिमा

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comAugust 30, 2025No Comments7 Views
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    सागर 30 अगस्त। मध्य प्रदेश के एक गणेश मंदिर में 400 साल बाद फिर से चमत्कार देखने को मिल रहा है। ऐतिहासिक मराठा कालीन मंदिर में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा का आधार एक बार फिर से बढ़ने लगा है। बीते एक दशक में प्रतिमा में अंदर भी देखने मिल रहा है। सदियों पहले भी स्वयंभू गणेश प्रतिमा बढ़ने लगी थी, तब शंकराचार्य ने प्रतिमा के सिर पर अभिमंत्रित कील लगाकर रोका था।

    मध्य प्रदेश के सागर में ऐतिहासिक झील किनारे मराठा कालीन 400 साल से भी पुराना गणेश मंदिर है। यहां पर भगवान गणेश की सिंदूर वाली प्रतिमा 4 सदी बाद फिर से अपना आकार बढ़ा रही है। सिर में अभिमंत्रित कील होने के कारण ये उंचाई के बजाय सामने की तरफ से बढ़ रही है। प्रतिमा के माथे का आधार साल-दर-साल बढ़ रहा है। श्रद्धालु खुद अपनी आंखों से देख कर गणेशजी का चमत्कार मानकर उन्हें नमन कर रहे हैं।

    मराठा कालीन गणेशजी का अष्टकोणीय सिद्धिविनायक मंदिर करीब 1600 वीं सदी में तैयार हुआ था। उसके पहले झील में से गणेश जी की रिद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान प्रतिमा निकली थी। इन्हें स्वयंभू माना जाता है। मंदिर अष्टकोणीय वास्तुकला और डिजाइन में बना है। मंदिर से जुड़े मराठा परिवार बताते हैं कि देश में एक महाराष्ट्र और दूसरा सागर में यह मंदिर है। अष्टकोणीय सिद्धिविनायक मंदिर देश में और कहीं नहीं है।

    मंदिर में सेवा करने वाले 80 वर्षीय गोविंद राव आठले बताते हैं कि वे बचपन से प्रतिमा के दर्शन करते आ रहे हैं। प्रतिमा के सिर पर एक अभिमंत्रित कील लगी है। बुजुर्गों और मंदिर प्रबंधकों के अनुसार उस दौर में शंकराचार्य सागर आए थे, उन्होंने यह कील लगाकर प्रतिमा का आकार बढ़ने से रोका था। साल करीब 2010 के बाद से प्रतिमा के माथे का आधार और उभार अपने आप बढ़ने लगा है। यह करीब 4 इंच तक उभर आया है। जिसने एक दशक पहले दर्शन किए होंगे और अब दर्शन करेंगे तो अंतर साफ नजर आता है।

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