नई दिल्ली, 22 जनवरी। औषधि नियामक संस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने गत दिसंबर की जांच को लेकर दवाइयों की गुणवत्ता पर अपनी मासिक रिपोर्ट जारी की है। केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं ने इन जांच में कुल 167 दवा नमूनों को मानक स्तर पर खरा नहीं पाया है।
सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि किसी नमूने का मानक पर खरा न उतरने का मतलब है कि वह दवा किसी खास पैमाने को पूरा करने में विफल रही। यह भी कहा कि यह जांच केवल उन विशिष्ट बैचों तक सीमित है, जिनकी जांच सरकारी प्रयोगशालाओं में की गई। ऐसे में बाजार में उपलब्ध अन्य दवाओं को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। बताया कि जांच में कुछ गंभीर मामले भी सामने आए हैं, जिनमें सात दवाओं को नकली या ‘स्पूरियस’ पाया गया। ये नकली दवाएं गाजियाबाद, अहमदाबाद, बिहार और महाराष्ट्र जैसे इलाकों से जुड़ी हैं, जिन्हें बिना किसी अनुमति के दूसरे ब्रांड के नाम पर बनाया जा रहा था। देशभर में बिकने वाली दवाओं में से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुल 167 दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता में सही नहीं पाया और फेल कर दिया है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने दिसंबर 2025 में दवाओं के लेकर ये सूचना जारी की है। हर महीने केन्द्रीय ड्रग एजेंसी दवाओं की क्वालिटी चेक करती है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के दवाओं संबंधी अलर्ट में कह है कि केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में अलग अलग कंपनियों की 74 दवाओं को एनएसक्यू पाया, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 93 दवाओं के नमूनों को मानकों में खरा नहीं पाया है। सीडीएससीओ पोर्टल पर इन दवाओं की पूरी लिस्ट जारी की गई है।
आपको बता दें बाजार में इन दिनों नकली दवाएं भी धड़ल्ले से बिक रही हैं। कई कंपनियां बड़ी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर दवाएं बनाकर बेच रही हैं। जांच में ऐसी दवाएं पकड़ी जाती है जो नकली होती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई राज्य नियामकों के साथ मिलकर नियमित रूप से हर महीने की जाती है। जिससे नकली दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके।
Trending
- प्रीमियम इलेक्ट्रिक बाइक्स हाई स्पीड पर भी नहीं डगमगाती हैं, कमाल की है टेक्नोलॉजी
- अनुबंध के अनुसार गुणवत्ता युक्त सड़कें आदि का निर्माण ना करने वाले ठेकेदार व कंपनियां डाली जाएं काली सूची में, दोबारा कराया जाए निर्माण
- सड़क सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाने में खोदकर पाइप डालने वाले अधिकारी और ठेकेदार भी कम जिम्मेदार नहीं है, इन पर कसी जाए लगाम
- अभिषेक शर्मा के पेट में इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती कराया
- शाहिद कपूर का निर्देशक विशाल भारद्वाज को ओ रोमियो के लिए थैंक्स
- ओटीटी पर देसी रग्ड लुक में दिखाया 7 सितारों ने जलवा
- बिहार के 20 हजार छात्र-छात्राएं एक कालेज में आठ कमरों में अध्ययनरत
- निकांत जैन पर अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के मामले को हाईकोर्ट ने किया रद

