नई दिल्ली, 06 जुलाई (ता)। कांग्रेस ने गत दिवस कहा कि वह संसद में उस संविधान संशोधन विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी जिसमें गंभीर अपराधों के मामलों में 30 दिनों तक हिरासत में रहने वाले मंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है। पार्टी ने साथ ही विश्वास जताया कि इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पायेगा। कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले सूत्रों ने बताया था कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और अन्य मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने के प्रावधान वाले विधेयकों पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अंगीकार कर सकती है और इसे संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया था कि यदि सरकार चाहे तो मसौदा विधेयकों को संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी भी दिलाई जा सकती है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राजनीतिक विरोधियों का ‘‘उत्पीड़न’’ करना है। रमेश ने यह भरोसा भी जताया कि गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण प्रदान करने के लिए किए जाने वाले परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाएंगे।
रमेश ने कहा कि वे 130वां संविधान (संशोधन) विधेयक लाने की कोशिश करेंगे, जिसका हम विरोध करेंगे। यह एक खतरनाक विधेयक है, जिसे अगस्त 2025 में पेश करने के बाद संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया था। ज्यादातर विपक्षी दलों ने इस समिति की कार्यवाही का बहिष्कार किया था। कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक में प्रावधान है कि यदि किसी मंत्री को पांच वर्ष से अधिक की सजा वाले आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक जेल में रहना पड़ता है, तो 31वें दिन उसे मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
रमेश ने कहा कि यह बेहद असाधारण बात है। मेरा मतलब है कि अदालत में मामला अभी भी विचाराधीन है। भारत में किसी व्यक्ति को तब तक निर्दाेष माना जाता है, जब तक उसका अपराध सिद्ध न हो जाए। हम सभी जानते हैं कि (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी-गृह मंत्री अमित शाह के शासन में जांच एजेंसियां किस तरह काम कर रही हैं।
विधेयक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध और राजनीतिक बदले की कार्रवाई के अलावा कुछ नहीं है। रमेश ने कहा कहा इसका मकसद अपने राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित करना है। उन्होंने कहा कहा वे इस मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक को फिर से पेश करने की कोशिश कर सकते हैं। हम इसका विरोध करेंगे। हम उस परिसीमन विधेयक का भी विरोध करेंगे, जिसे 16 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान पेश किया गया था और 17 अप्रैल को गृह मंत्री को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था, क्योंकि परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन के लिए उन्हें केवल 298 सांसदों का समर्थन मिला था, जबकि इसे पारित कराने के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल से शाह विभिन्न राजनीतिक दलों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) में विभाजन करा दिया। हां, ये विभाजन हमारे लिए एक चुनौती हैं। यह शिवसेना (उबाठा) के लिए झटका है, यह तृणमूल कांग्रेस के लिए झटका है और यह पूरे विपक्ष के लिए भी झटका है। लेकिन हमारी एकजुटता बरकरार है। रमेश ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि यदि अमित शाह और नरेन्द्र मोदी मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने से जुड़े 130वें संविधान संशोधन विधेयक तथा परिसीमन विधेयक को पारित कराने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा।
सूत्रों ने कहा कि संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट को 17 जुलाई को होने वाली समिति की अगली बैठक में अंगीकार किए जाने की संभावना है। इस समिति की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता अपराजिता सारंगी कर रही हैं। समिति ने अपना कार्य पूरा करने से पहले संवैधानिक विशेषज्ञों, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, वकीलों, बार एसोसिएशन के सदस्यों, सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं से विचार-विमर्श किया।
Trending
- कैंट बोर्ड के लेखाकार राजेश जॉन निलंबित
- सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल” यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल
- Delhi Protest: छात्रों पर Police Action पर बिफरे Rahul Gandhi, Amit Shah को पत्र लिखकर पूछा- आदेश किसने दिया?
- कारगिल वीरों के नमन से लेकर साइंस में युवाओं के डंके तक… पढ़िए PM मोदी के ‘मन की बात’ की 5 बड़ी बातें
- ग्रेटर नोएडा की एल्डिको सोसायटी में टैंक की जहरीली गैस से दम घुटने से दो लोगों की मौत
- उच्च शिक्षा के शिक्षकों-कर्मियों को सीएम योगी का तोहफा, मिलेगा डेढ़ करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर
- पत्नी ने गिफ्ट की थार, उसी में पति ने कर दी हत्या, फिर नहर में फेंकी लाश
- अलीगंज अग्निकांड वाली अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

