Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • जूम की तरह अब WhatsApp पर भी होगी Screen Sharing
    • Xiaomi का नया टैबलेट लॉन्च
    • अब सर्किट व गेस्ट हाउस बुक करा सकेंगे जनमानस अच्छा है, आवश्यकता के नाम पर निरस्तीकरण सही नहीं, लखनऊ दिल्ली और मुंबई में भी हो यह व्यवस्था
    • मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट! कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य, दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के राम निवास रावत विधायक हुए घोषित
    • देश में एक साथ हो चुनाव, विधानसभा लोकसभा के समय और धन दोनों ही बचेंगे
    • दि पैराडाइज के गाना ‘आया शेर’ के लिए बना 2.5 एकड़ का स्लम सेट
    • योगी कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को दी मंजूरी, प्रॉपर्टी बेचने वाले का नाम खौतनी में भी होना अनिवार्य
    • 3 बेटियों संग कुएं में कूदी मां, सभी की मौत
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»सुशीला कार्की बनीं नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री
    देश

    सुशीला कार्की बनीं नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री

    adminBy adminSeptember 13, 2025No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    काठमांडू, 13 सितंबर। पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की ने शुक्रवार को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 73 वर्षीय कार्की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगी। इसके साथ ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो सकती है, क्योंकि भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के चलते मंगलवार को केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

    संसदीय चुनाव कराने की घोषणा
    नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति भवन में सुशीला कार्की को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद नव-नियुक्त प्रधानमंत्री कार्की की सिफारिश पर प्रतिनिधि सभा को राष्ट्रपति पौडेल ने भंग कर दिया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नए संसदीय चुनाव 21 मार्च 2026 को कराए जाएंगे।

    सुशीला कार्की ने शपथ लेते हुए कहा, मैं देश और जनता के नाम पर प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी निभाने की शपथ लेती हूं। राष्ट्रपति पौडेल ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, हम आपकी और देश की सफलता की कामना करते हैं। इस मौके पर उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव और मुख्य न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह रावत भी मौजूद थे।

    सुशीला कार्की का नाम राष्ट्रपति, सेना प्रमुख और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेन-जी समूह के प्रतिनिधियों के बीच हुई सहमति के बाद तय हुआ। इसके लिए राष्ट्रपति ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, कानूनी विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से भी परामर्श किया। सूत्रों के अनुसार, कार्की छोटा मंत्रिमंडल गठित करेंगी।

    जेन-जी के प्रस्तावित नाम पर मुहर
    भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की अगुवाई कर रहे जेन-जी समूह ने ही सुशीला कार्की का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया था। जेन-जी नेताओं ने ऑनलाइन मतदान के जरिए उनका नाम आगे बढ़ाया, जिसे सभी ने स्वीकार किया।

    सोमवार को नेपाल में भड़की थी हिंसा
    सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ भड़के युवा आंदोलन के बाद नेपाल हिंसा की चपेट में आ गया था। प्रदर्शनकारियों ने संसद में जमकर हंगामा किया। उनकी कई शहरों में पुलिस से झड़प भी हुई। हालात बिगड़ने पर सेना ने कमान संभाल ली और देशभर में कर्फ्यू लगा दिया गया।

    कौन हैं सुशीला कार्की
    नेपाल की पहली और अब तक की इकलौती महिला मुख्य न्यायाधीश हैं। सुशीला कार्की का जन्म 1952, विराटनगर, नेपाल में हुआ। सुशीला कार्की ने 1975 में बीएचयू से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री ली। विराटनगर से स्नातक की पढ़ाई के बाद कार्की बीएचयू आई थीं। 1979 में वकालत शुरू की, 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं, 2009 में उच्चतम न्यायालय में तदर्थ न्यायाधीश और 18 नवंबर 2010 को स्थायी न्यायाधीश बनीं।
    उनका विवाह नेपाली कांग्रेस के पूर्व नेता दुर्गा प्रसाद सुबेदी से हुआ है। उनकी छवि भ्रष्टाचार के विरुद्ध निष्पक्ष न्यायधीश की रही है।

    nepal Sushila Karki tazza khabar tazza khabar in hindi world news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    जूम की तरह अब WhatsApp पर भी होगी Screen Sharing

    March 10, 2026

    Xiaomi का नया टैबलेट लॉन्च

    March 10, 2026

    अब सर्किट व गेस्ट हाउस बुक करा सकेंगे जनमानस अच्छा है, आवश्यकता के नाम पर निरस्तीकरण सही नहीं, लखनऊ दिल्ली और मुंबई में भी हो यह व्यवस्था

    March 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.