मुजफ्फरनगर, 15 जनवरी। मुजफ्फरनगर जनपद में सोनू कश्यप हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को जिला सीमा पर ही रोक दिया गया। पुलिस ने खतौली के भंगेला चेकपोस्ट पर उन्हें जिले में प्रवेश करने से मना कर दिया और मेरठ की ओर वापस भेज दिया।
अजय राय के मुजफ्फरनगर पहुंचने की सूचना पर जिला प्रशासन ने बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी बाहरी व्यक्ति को फिलहाल जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अजय राय को रोके जाने के बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोककर जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
राजनीति में तेज हुई गहमागहमी
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। वहीं, दूसरी ओर कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मामले में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा से बातचीत की है।
पीड़ित परिवार को मदद के निर्देश
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सोनू कश्यप के पीड़ित परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए और मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए।
ये है पूरा मामला
रोहित कश्यप उर्फ सोनू जिला मुजफ्फरनगर के निवासी आबकारी मोहल्ला का रहने वाला था। वह मुजफ्फरनगर से मेरठ अपनी रिश्तेदारी में सरधना विधान सभा के गांव ज्वालागढ आ रहा था। जिस टेंपो में वह बैठा था उसके चालक को रोहित के पास पैसों की जानकारी हो गई। इस कारण टेंपो चालक की नीयत में खोट आ गया और लालचवश अपने साथियों को बुलाकर रोहित की हत्या कर शव जला दिया। इस घटना से कश्यप समाज में आक्रोश है।

