नैनीताल 07 फरवरी। सरोवर नगरी नैनीताल सहित भवाली क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) ने एक बार फिर पुलिस व प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। भवाली में हिंदू किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले में मुस्लिम युवक की गिरफ्तारी के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। भवाली के श्यामखेत, टमट्यूड़ा, रेहड़ मोहल्लों में पिछले एक दशक में जबरदस्त तरीके से डेमोग्राफिक चेंज हुआ है। स्थिति यह है कि श्यामखेत को आम बोलचाल में सलीमखेत भी कहा जाने लगा है।
दरअसल 2021 में भवाली व आसपास के क्षेत्र में एकाएक मुस्लिम आबादी बढ़ने से राज्य सरकार भी अलर्ट मोड में आई थी। जिलास्तर पर कमेटी का गठन किया गया था। पुलिस की ओर से व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया तो अवैध तरीके से कारोबार कर अस्थायी तौर पर बसे लोग उत्तर प्रदेश में अपने मूल ठिकानों की ओर लौट गए थे। भवाली पालिका के रिकार्ड के अनुसार श्यामखेत की आबादी करीब डेढ़ हजार है लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार श्यामखेत में करीब दो सौ फ्लैट में 70 प्रतिशत से अधिक समुदाय विशेष के लोगों के हैं। इसके अलावा टम्ट्यूड़ा क्षेत्र में पालिका की समुदाय विशेष के लोग स्टांप पर नजूल भूमि खरीदकर अवैध तरीके से आशियाने बना रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों ने भी माना है कि नैनीताल सहित भवाली क्षेत्र की पर्यटन व निर्माण के क्षेत्र में रामपुर, स्वार, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत के मुस्लिम समुदाय का दखल बढ़ा है। नैनीताल में ही टूरिस्ट गाइडिंग, घोड़ा संचालन, टैक्सी कारोबार से लेकर होटल-रेस्टोरेंट को लीज पर लेने में समुदाय विशेष का विशेष फोकस है। भवाली व श्यामखेत क्षेत्र में तो पिछले एक दशक से डेमोग्राफिक चेंज को लेकर स्थानीय लोग चिंता जताते आ रहे हैं। श्यामखेत क्षेत्र में रातोंरात खड़े किए जा रहे निर्माणों को लेकर भी लोग चिंतित हैं। शुक्रवार को भाजपा व हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भवाली कोतवाली पहुंचकर पुलिस से दुष्कर्म पीड़िता को सुरक्षा दिलाने की मांग की।
अब फिर चलेगा सत्यापन अभियान
भवाली में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर होने के बाद एक बार फिर पुलिस सत्यापन अभियान चलाने जा रही है। एसपी डा. जगदीश चंद्र के अनुसार मिश्रित आबादी क्षेत्र में सत्यापन के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई गई हैं। पहले भी सत्यापन अभियान चलाया गया और बिना दस्तावेज वालों का चालान किया गया था।

