चंडीगढ़ 06 मार्च। पंजाब सरकार ने खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में 11 प्रमुख खिलाड़ियों को पंजाब सिविल सेवा (पीसीएस) और पंजाब पुलिस सेवा (पीपीएस) में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। यह निर्णय न केवल खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि राज्य की दूरदर्शी खेल नीति का भी सशक्त उदाहरण है।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। सात खिलाड़ियों को डीएसपी (पीपीएस) और चार खिलाड़ियों को पीसीएस अधिकारी के रूप में नियुक्त किया। इन नियुक्तियों में नौ हाकी खिलाड़ी, एक क्रिकेटर और एक एथलीट शामिल हैं, जो पंजाब की समृद्ध खेल परंपरा को दर्शाते हैं। पीपीएस में नियुक्त खिलाड़ियों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, भारतीय हाकी टीम के स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, वरुण कुमार, शमशेर सिंह और दिलप्रीत सिंह के साथ-साथ शार्टपुट खिलाड़ी तेजिंदर तूर शामिल हैं। वहीं, हाकी के दिग्गज खिलाड़ी रूपिंदर पाल सिंह, सिमरनजीत सिंह, हार्दिक सिंह और गुरजंत सिंह को पीसीएस अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।
इन खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है और अब वे प्रशासनिक व पुलिस सेवाओं में नई भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में स्थान देने से उनका मनोबल और बढ़ेगा। यह कदम यह संदेश देता है कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सम्मानजनक और स्थायी करियर का मार्ग भी बन सकता है। इससे राज्य के युवाओं में खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा और वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित होंगे। इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह खिलाड़ियों के योगदान को केवल तालियों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें जिम्मेदारी और सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में स्थान देगी। यह पहल राज्य की नई सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। जब खिलाड़ी प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में अपनी भूमिका निभाएंगे, तो वे अनुशासन, नेतृत्व और समर्पण जैसे गुणों से समाज को प्रेरित करेंगे। साथ ही, खेलों को लेकर एक सकारात्मक माहौल भी बनेगा।
ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए करोड़ों का सम्मान
खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने देश की सबसे आकर्षक इनामी नीतियों में से एक लागू की है। ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को 2.50 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 1.50 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये की नकद राशि दी जाती है। पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों को भी समान इनामी राशि देकर सरकार ने समान अवसर और सम्मान का मजबूत संदेश दिया है। पेरिस ओलंपिक में पंजाब के 19 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 हाकी खिलाड़ी शामिल थे। भारतीय हाकी टीम के कांस्य पदक जीतने पर आठ खिलाड़ियों को 1-1 करोड़ रुपये और दो रिजर्व खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसके अलावा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक पर 1 करोड रुपये तक और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक पर 75 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि का प्रावधान है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को न केवल नकद प्रोत्साहन, बल्कि सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता भी दी जा रही है। मेडल विजेताओं को ग्रुप-ए और ग्रुप-बी श्रेणी की नौकरियों में नियुक्ति देकर सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित कर रही है।

