Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • माननीय मुख्यमंत्री जी ध्यान देें! अवैध रूप से बने बेसमेंट व स्टार प्लाजा में चाणक्य कोचिंग सेंटर पर सील लगाने के 10 मिनट बाद ही क्यों खोली है चर्चा, क्या मुख्यमंत्री के आदेशें से ऊपर हो गयी अफसरों की सिफारिश, प्राधिकरण के अधिकारी आखिर सोच क्या रहे हैं पुनः लगाई जाये
    • वार्डन बीमार छात्रा को पीठ पर लादकर पहुंची अस्पताल, आदिवासी इलाकों में सड़क शिक्षा और स्वास्थ्य ?
    • अभिभावक दें ध्यान, जबरदस्ती की शादियां करा रही है कांड
    • राजभर के मुंह में सिर्फ ‘डॉट-डॉट-डॉट’ : शिवपाल
    • मलाइका ने 52 साल की उम्र में दिए मोनोकिनी में दिलकश पोज
    • अन्ना हजारे ने स्थगित किया ‘अनशन’
    • देह व्यापार गिरोह से दो अभिनेत्री मुक्त कराई गईं
    • जाकिर कॉलोनी में अफेयर के शक में सोती हुई बहन की भाई ने गोली मारकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»सुरक्षा के साथ सेवा अमरनाथ यात्रा में
    देश

    सुरक्षा के साथ सेवा अमरनाथ यात्रा में

    adminBy adminJuly 4, 2026No Comments2 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    बालटाल, 04 जुलाई (ता)। श्री अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। हर साल देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी को लेकर सीआरपीएफ के डीआईजी सुधीर कुमार ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, नई तकनीक, महिला जवानों की भूमिका और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तार से जानकारी दी। डीआईजी सुधीर कुमार ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि अमरनाथ यात्रा सदियों से लोगों की आस्था का केंद्र रही है और सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर इसे सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने0 के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग पर आरओपी की जिम्मेदारी सीआरपीएफ निभा रही है। इसके अलावा सभी प्रमुख बेस कैंपों की सुरक्षा भी सीआरपीएफ के जिम्मे है, जहां श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले ठहरते हैं। सुधीर कुमार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सुरक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव और सुधार देखने को मिला है। सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत हुई है। उनका कहना है कि दोनों एजेंसियों का एक ही उद्देश्य है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ का काम केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। जवान मानवीय दृष्टिकोण से भी यात्रियों की हरसंभव मदद करते हैं। इसी उद्देश्य से श्मे आई हेल्प यूश् टीम बनाई गई है, जो रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी का सामना कर रहे श्रद्धालुओं की तत्काल सहायता करती है। चाहे कोई रास्ता भटक जाए, स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या किसी अन्य प्रकार की मदद की जरूरत हो। सीआरपीएफ के जवान हर समय सहायता के लिए तैयार रहते हैं। डीआईजी ने बताया कि यात्रा के दौरान मेडिकल रेस्क्यू टीम (एमआरटी) की भूमिका भी बेहद अहम है। यह टीम प्राकृतिक आपदा या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय हो जाती है। उन्होंने कहा कि एमआरटी के सभी सदस्य विशेष प्रशिक्षण प्राप्त हैं। इस वर्ष उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ संयुक्त अभ्यास भी किया है। इससे उनकी क्षमता और बेहतर हुई है। उन्होंने बताया कि बालटाल मार्ग ऊंचाई और खड़ी चढ़ाई के कारण काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यहां कई श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन की कमी या हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए एमआरटी के पास पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। यदि किसी यात्री के पैर में चोट लग जाए, तबीयत बिगड़ जाए या किसी कारण से आगे बढ़ना संभव न हो तो टीम उसे सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करती है। मौसम को यात्रा का सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण पहलू बताते हुए सुधीर कुमार ने कहा कि सीआरपीएफ लगातार मौसम विभाग के संपर्क में रहती है। मौसम में किसी भी बदलाव की जानकारी मिलते ही यात्रा को उसी के अनुसार नियंत्रित किया जाता है। सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पीए सिस्टम) के माध्यम से यात्रियों को लगातार जरूरी सूचनाएं दी जाती हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते उचित निर्णय लिया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान नई तकनीकों का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। बेहतर संचार व्यवस्था, मौसम की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। इससे किसी भी घटना पर तेजी से कार्रवाई करना संभव हो रहा है। महिला सीआरपीएफ जवानों की भूमिका पर बोलते हुए डीआईजी ने कहा कि आज महिला ट्रूपर्स सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सहायता में भी पुरुष जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। महिला श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक सेवाओं में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    Amarnath Yatra Baltal Jammu Desh Service with safety during the Amarnath Yatra. tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    माननीय मुख्यमंत्री जी ध्यान देें! अवैध रूप से बने बेसमेंट व स्टार प्लाजा में चाणक्य कोचिंग सेंटर पर सील लगाने के 10 मिनट बाद ही क्यों खोली है चर्चा, क्या मुख्यमंत्री के आदेशें से ऊपर हो गयी अफसरों की सिफारिश, प्राधिकरण के अधिकारी आखिर सोच क्या रहे हैं पुनः लगाई जाये

    July 4, 2026

    वार्डन बीमार छात्रा को पीठ पर लादकर पहुंची अस्पताल, आदिवासी इलाकों में सड़क शिक्षा और स्वास्थ्य ?

    July 4, 2026

    अभिभावक दें ध्यान, जबरदस्ती की शादियां करा रही है कांड

    July 4, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.