मेरठ 11 मई (प्र)। नगर निगम अब महानगर की सड़कों का डाटा रोड एसिट मैनेजमेंट सिस्टम में अपलोड करेगा। इस डाटा के आधार पर शहर में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। सेंसर और जीआईएस तकनीक के जरिए इन सड़कों की निगरानी की जाएगी। इस अत्याधुनिक सिस्टम से महानगर की तमाम सड़कों को हाल पता चलेगा। इसी के आधार पर शहर में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे बजट का सही इस्तेमाल होने की उम्मीद की जा रही है।
दरअसल महानगर में सड़कों का नगर निगम के पास कोई कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्ड नहीं है कि किस सड़क की क्या हालत है इसका निर्माण कब किया गया। कई बार वर्षों तक किसी सड़क का निर्माण नहीं होता और उसे पर गड्ढों की भरमार की होने की वजह से लोगों का खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि कुछ सड़कों का निर्माण मामूली खराबी होने पर ही करा दिया जाता है। इसकी वैसे सड़क निर्माण में बजट का उचित इस्तेमाल नहीं हो पता। शासन स्तर से रोड ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जा रहा है
इसमें महानगर की तमाम सड़कों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। कौन सी सड़क कब बनी और इसमें किस मटेरियल का इस्तेमाल किया गया और वर्तमान में अब उक्त सड़क की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी अपलोड की जाएगी। पूरा डाटा अपलोड होने के बाद लखनऊ में नगर विकास अनुभाग की अधिकारी सड़कों की जानकारी एक क्लिक दबाते ही ले सकेंगे। इसी के आधार पर कौन सड़क प्राथमिकता के आधार पर बनाई जानी है तय किया जाएगा, और इसी के आधार पर सड़क निर्माण का बजट जारी किया जाएगा। नगर निगम में सड़कों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें सड़क का पूरा डाटा दर्ज किया जा रहा है। सड़क कितनी पुरानी है इसका कब निर्माण किया गया और कौन सी निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, वर्तमान में इसकी क्या हालत है आदि जानकारी फोड की जा रही है। इसी डेटाबेस के आधार पर कौन सी सड़क सर्वाधिक खराब है उसके निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
इस सिस्टम में सेंसर और जिस तक निक की मदद ली जाएगी। सैटलाइट इमेजिंग से सड़कों का पता लगाया जाएगा कि किस सड़क किस हिस्से में खराबी है यह भी पता चल चल जाएगा कि क्या सड़क कमजोर हो गई है या धंसने वाली है। समय रहते यूके सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। तीन श्रेणियां में सड़कों का डाटा दर्ज किया जाएगा इनमें उत्कृष्ट सड़क, खराब सड़क और सबसे ज्यादा खराब का डाटा दर्ज किया जाएगा। यह नई व्यवस्था वायु गुणवत्ता आयोग द्वारा की गई। इस पहल से महानगर की सड़कों में खासा सुधार होने की उम्मीद की जा रही है।
नगर निगम के निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर प्रमोद सिंह का कहना है कि रोड ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टमपर शीघ्र महानगर की सड़कों का डाटा अपलोड हो जाएगा। इससे सभी सड़कों की हालत का कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही पता चल जाएगा। सेंसर और जिस तकनीक से किस सड़क के कमजोर होने या धंसने की संभावना है इसका भी पता चल जाएगा। यह सिस्टम काफी मददगार साबित होगा।

