वाराणसी 02 जनवरी। वाराणसी में नशा मुक्ति केंद्र में युवक की मौत के बाद परिवार के लोगों ने हंगामा किया। मां ने कहा- मेरे बेटे की हत्या की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरा मामला शुक्रवार को सारनाथ के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र का है।
युवक आदित्य बीएचयू से एंथ्रोपोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था। जबकि मां प्रतिभा गोस्वामी जीजीआईसी सैयदराज, चंदौली की प्रिंसिपल हैं। जबकि पिता राकेश भारती गोरखपुर में सोल्जर बोर्ड में सुपरवाइजर हैं।
मां प्रतिभा गोस्वामी ने कहा- हम लोग मीरापुर बसहीं थाना शिवपुर में रहते हैं। दो साल से बेटा नशे की चपेट में था। 27 दिसंबर को आदित्य (26) नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट कराया था।
सारनाथ के मवैया के जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र से टीम को बुलाया और डिटेक्शन सेंटर भेज दिया। बेटे से मिलने और कंबल देने के लिए नशा मुक्ति केंद्र पर फोन किया। यहां कहा गया कि रविवार को नहीं मिल सकती हैं। जब वो सोमवार को कंबल लेकर पहुंची तो वहां उन्हें ऑफिस में रोक लिया गया। कहा गया कि आपका बेटा सो रहा है। जगाएंगे तो अग्रेसिव हो जाएगा। वो वहीं कंबल देकर लौट आई।
दोबारा मंगलवार को बेटे से मिलने पहुंची। यहां इस बार भी उन्हें आदित्य से मिलने नहीं दिया गया और कहा गया कि उससे मिलने नहीं दे सकते। वो अग्रेसिव हो जाएगा। आप सीसीटीवी में देख लें। जब उन्होंने CCTV देखा तो उन्हें कंबल ओढ़कर बैठा एक बच्चा दिखाया गया।
आज सुबह 8 बजे मोबाइल पर कॉल आई। उनसे कहा गया कि आपका बेटा बेहोश हो गया है। उसे दीर्घायु अस्पताल मवैया के ICU में एडमिट करा दिया गया है। आप लोग तुरंत आ जाइए। दीर्घायु अस्पताल पहुंचे तो कुछ लोग मिलकर आदित्य को अस्पताल से निकालकर स्ट्रेचर से स्विफ्ट डिजायर कार में डाल रहे थे। पता चला की आदित्य की मौत हो गई। आदित्य सिर्फ बरमूडा पहने हुआ था और उसके बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था। शरीर पर जगह-जगह टॉर्चर के निशान थे। इसके बाद हम लोग सारनाथ थाने पहुंचे और तहरीर दी है। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।

