अयोध्या 19 मार्च। अयोध्या राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या के राम मंदिर पहुंचीं। उन्होंने रामलला के दर्शन किए। दूसरे फ्लोर पर बने राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर को भी देखा। सीएम योगी ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि श्रीराम को नमन करना और भारत मां का वंदन हमारे लिए एक जैसा ही है। इस परम पवित्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन, यहां रामलला के दिव्य विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का भक्तजनों के लिए खोला जाना तथा मंदिर के शिखर पर धर्म-ध्वजारोहण की तिथियां हमारे इतिहास और संस्कृति की स्वर्णिम तिथियां हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने जिस अयोध्या नगरी में जन्म लिया उसकी पवित्र धूलि का स्पर्श प्राप्त करना ही मैं अपना परम सौभाग्य मानती हूं। स्वयं प्रभु श्रीराम ने अपनी इस जन्मभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारे देश का पुनर्जागरण आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक, इन सभी आयामों पर हो रहा है। देव-भक्ति और देश-भक्ति, दोनों का मार्ग एक ही है। मैं चाहूंगी कि हमारे सभी देशवासी ‘घट-घट व्यापी राम’ के पवित्र भक्ति-भाव के साथ एकात्म होकर आगे बढ़ें।
राम-राज्य के आदर्शों पर चलते हुए हम सब नैतिकता और धर्माचरण पर आधारित राष्ट्र का निर्माण कर सकेंगे। हम सभी एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वर्ष 2047 या शायद उससे पहले ही हम उन लक्ष्यों को प्राप्त कर लेंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सभी देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में होना मेरे जीवन का कृतार्थ करने वाला पल है। मैं यहां पर आकर गौरवांवित हूं। राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद हमें यह सौभाग्य का पल मिला है।

