नई दिल्ली/ओस्लो, 04 जून (ता)। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में एक नया इतिहास रच दिया है। आठवें दौर के मुकाबले में चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने दुनिया के महानतम शतरंज खिलाडिय़ों में शुमार मैग्नस कार्लसन को मात दी। टूर्नामेंट के तीसरे दौर में कार्लसन को सफेद मोहरों से हराने के बाद प्रज्ञानंद ने अब काले मोहरों से भी बाजी जीतकर कार्लसन पर इस सीजन में अपनी दूसरी जीत दर्ज की।
क्लासिकल शतरंज के पिछले 19 सालों के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी खिलाड़ी ने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार परास्त किया हो। इससे पहले साल 2007 में भारत के ही दिग्गज विश्वनाथन आनंद ने लीनारेस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में कार्लसन को लगातार दो मैचों में शिकस्त दी थी।
टूर्नामेंट की अंक तालिका में प्रज्ञानंद इस समय 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से डटे हुए हैं। वह टॉप पर चल रहे वेस्ली सो (14 अंक) और दूसरे स्थान पर मौजूद अलीरेजा फिरौज्जा (13 अंक) से ज्यादा पीछे नहीं हैं। प्रज्ञानानंद ने अपनी मौजूदा फॉर्म पर संतोष जताया है।
विश्व चौंपियन डी गुकेश की खिताब जीतने की उम्मीदें आठवें दौर में फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेजा फिरोजा से एक और करारी हार के बाद खत्म हो गईं। वह आठ अंकों के साथ तालिका में सबसे निचले पायदान पर आ गए हैं और वह अपने अगले दो मैच क्लासिकल में जीतने पर भी 14 अंक तक ही पहुंच सकते हैं। इस तरह से गुकेश की नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।
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