Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर सवाल उठाने वाले ? राज्यसभा से प्रदेश की राजनीति और विकास पर रहेगी पूरी नजर, पुत्र भी सत्ता का भार संभालने में पीछे नहीं रहेंगे
    • 124 सीटें जीतकर आरएसपी ने अपने नेता बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का रास्ता किया साफ
    • नांगलोई में बेकाबू DTC बस ने सड़क पर लोगों को कुचला, 3 की मौत; गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग
    • 10 साल बाद ‘मिस इंडिया अर्थ’ हिंदू धर्म में लौटीं, आतिफ से किया था प्रेम विवाह
    • मधुमक्खियों के हमले में सीओ समेत नौ घायल
    • उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह अपने पालतू कुत्ते के हमले में घायल
    • हमारा डीएनए एक है, सबके पूर्वज हिंदू थे : अवधेशानंद गिरी
    • अग्निवीर भर्ती: 4 चरणों में शारीरिक परीक्षा, इतने मिनट में दौड़ पूरी करने पर मिलेंगे 60 अंक
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»पुलिस ने निर्दोष छात्र को चलती बस से किया अगवा, फिर फर्जी ड्रग केस में फंसाया; टीआई- दो एसआई और तीन कॉन्स्टेबल निलंबित
    देश

    पुलिस ने निर्दोष छात्र को चलती बस से किया अगवा, फिर फर्जी ड्रग केस में फंसाया; टीआई- दो एसआई और तीन कॉन्स्टेबल निलंबित

    adminBy adminDecember 11, 2025No Comments9 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नीमच 11 दिसंबर। मल्हारगढ़ थाने पर कथित एनडीपीएस एक्ट प्रकरण में लगातार विवाद बढ़ने के बाद मंदसौर एसपी की कोर्ट में पेशी हुई। इसके बाद एससपी ने टीआई, दो एसआई और तीन आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने इस केस को फर्जी घोषित नहीं किया है, फिर भी मामला संदिग्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन मल्हारगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पंवार (वर्तमान पदस्थापना, नारायणगढ़), एसआई साजिद मंसूरी (नाहरगढ़) एसआई संजयप्रतापसिंह (मल्हारगढ़) आरक्षक नरेंद्रसिंह राठौर (हाल ही में नारकोटिक्स मंदसौर में तबादला) आरक्षक दिलीप जाट और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।

    29 अगस्त 2025 को मल्हारगढ़ पुलिस ने 18 वर्षीय छात्र सोहन पिता बालाराम जोधपुर, निवासी राजस्थान, को 2.700 किलो अफीम के साथ पकड़ने का दावा किया था। अगले ही दिन 30 अगस्त को उसे मंदसौर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पीड़ित के परिजनों ने एडवोकेट हिमांशु ठाकुर से संपर्क किया और बताया कि उनका बेटा निर्दोष है। सोहन ने इसी वर्ष 12 वीं फर्स्ट डिविजन में पास की थी और पीएससी की तैयारी कर रहा था। इसके बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। जब परिजनों ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि जिस बस से सोहन यात्रा कर रहा था, उसमें सीसीटीवी कैमरे लगे थे। ट्रैवल्स कंपनी प्रारंभ में फुटेज देने से हिचकिचाई, लेकिन लगातार प्रयासों के बाद फुटेज परिजनों को मिल गए। फुटेज में साफ दिखा कि कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में बस को बीच रास्ते में रोकते हैं। बस में चढ़कर सफेद शर्ट पहने छात्र सोहन को जबरन नीचे उतारते हैं। उसे अपनी जीप में बैठाकर ले जाते हैं।

    जांच में सामने आया कि 29 अगस्त को सुबह 11.39 बजे पुलिस छात्र को उठाती है, जबकि शाम 5.17 बजे सोहन के खिलाफ 2.700 किलो अफीम जब्ती का प्रकरण दर्ज कर दिया। इसी विरोधाभास पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जब बस के सीसीटीवी प्रस्तुत किए गए तो कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। पुलिस के बयान और फुटेज में साफ विरोधाभास दिख रहा है। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि घटना में पूरा थाना लिप्त प्रतीत होता है। पुलिस ने एक बेगुनाह को टारगेट कर कार्रवाई की है। मामला सीबीआई को ट्रांसफर किया जाना चाहिए।

    कोर्ट ने 9 दिसंबर को मंदसौर एसपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए थे। सुनवाई के दौरान एसपी ने स्वीकार किया कि छात्र को बस से पुलिस ने ही उठाया। शाम को उसी थाने ने ड्रग तस्करी का केस दर्ज किया। गिरफ्तारी समय और एफआईआर समय में अंतर है। पहले आए जांच अधिकारी ने कोर्ट को गलत जानकारी दी थी। एसपी ने कोर्ट से कहा कि मामले में गलती हुई है।

    मल्हारगढ़ एसडीओपी नरेन्द्र सोलंकी का कहना है कि हाईकोर्ट ने केस को फर्जी नहीं माना है, आरोपी को अफीम उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति चंद्रप्रकाश पिता कालूराम पाटीदार निवासी गोगरपुरा है, जिसे पुलिस ने पहले ही आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया था। सोलंकी ने बताया कि अफीम देने वाला यही चंद्रप्रकाश पाटीदार है, जिस पर पहले से थाना छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ में अपराध क्रमांक 175/22, धारा 8, 18, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज है, जिसमें 5.500 किलोग्राम अफीम जब्त की गई थी। यह उसके आपराधिक रिकॉर्ड को और भी पुख्ता करता है। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी सोहनलाल के अधिवक्ता ने हाई कोर्ट में एक वीडियो प्रस्तुत किया था, जिसमें दावा किया गया था कि पुलिस ने सोहनलाल से वह बैग बरामद नहीं किया था, जिसमें अफीम मिली थी। लेकिन आज कोर्ट में उसी वीडियो को दोबारा चलाकर देखने पर साफ तौर पर बैग सोहनलाल के पास ही दिखाई दिया। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने अन्य स्थानों की सीसीटीवी फुटेज व फोटो भी पेश किए, जिनसे पुष्टि हुई कि अफीम वाला बैग सोहनलाल के पास ही था।

    madhya-pradesh neemuch tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    नीतीश कुमार और निशांत कुमार को लेकर सवाल उठाने वाले ? राज्यसभा से प्रदेश की राजनीति और विकास पर रहेगी पूरी नजर, पुत्र भी सत्ता का भार संभालने में पीछे नहीं रहेंगे

    March 9, 2026

    124 सीटें जीतकर आरएसपी ने अपने नेता बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने का रास्ता किया साफ

    March 9, 2026

    नांगलोई में बेकाबू DTC बस ने सड़क पर लोगों को कुचला, 3 की मौत; गुस्साई भीड़ ने बस में लगाई आग

    March 9, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.