वृंदावन, 31 मार्च (जा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में गत दिवस फूल बंगला सजने शुरू हुए। लेकिन, दूसरे दिन सुबह मंदिर में फूलबंगला नहीं बन सका। जबकि ठाकुरजी ने मंदिर के जगमोहन में विराजकर भक्तों को दर्शन दिए और ठाकुरजी के सिंहासन के पीछे फूलों का जाल और डोला सजाया गया था। फूलबंगला न बनाने के पीछे मंदिर के कोष में प्रबंधन द्वारा तय की गई धनराशि जमा न करवाना कहा गया है।
सेवायत ने मंदिर में नहीं जमा करवाई थी फूलबंगला की धनराशि। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में गत दिवस ठाकुरजी को गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से फूलबंगला सजने शुरू हो गए हैं। मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने इस बार फूलबंगला सजने का शुल्क एक लाख 51 हजार रुपए जमा करने के आदेश दिए। इसे लेकर सेवायतों में रोष व्याप्त है। गत दिवस फूलबंगला मंदिर प्रांगण न सजाए जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कहा जा रहा है सेवायत ने मंदिर के कोष में फूलबंगला सजने का शुल्क जमा नहीं किया। ऐसे में मंदिर में फूलबंगला नहीं सजाया जा सका। मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि मंदिर में पहले से ही सुबह फूलबंगला सजने की परंपरा नहीं रही है। लेकिन, गत दिवस फूलबंगला की तय धनराशि जमा नहीं करवाई गई थी। हालांकि ठाकुरजी के सिंहासन पर बंगला सजाया गया।
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