बिजनौर, 17 जनवरी। नगीना क्षेत्र के ग्राम नंदपुर खुर्द में प्राचीन सिद्ध पीठ नंदलाल देवता मंदिर में पांचवें दिन शुक्रवार को भी आधा घंटे तक कुत्ते ने दुर्गा मां के चक्कर लगाए। अब लोगों ने उसकी भी पूजा करनी शुरू कर दी है। वहीं डॉक्टरों की टीम ने कुत्ते का परीक्षण किया। इसके अलावा, दिल्ली से एनजीओ की टीम भी आई, जिसने कुत्ते की जांच की।
नगीना बढ़ापुर मार्ग स्थित ग्राम नन्दपुर खुर्द में गत सोमवार से एक कुत्ता हनुमान जी की मूर्ति के चक्कर लगा रहा था। मंगलवार को भी लगातार चक्कर लगाता देख लोगों ने कुत्ते की पूजा शुरू कर दी। इसके बाद गुरुवार को कुत्ते ने मां शेरो वाली की मूर्ति चक्कर लगाने शुरू किए। कुत्ते के चक्कर देखने और जांच के लिए डॉक्टरों की टीम भी आई।
डॉक्टरों ने कुत्ते को बिस्कुट भी खिलाने का प्रयास किया, लेकिन उसने नहीं खाया और वह चक्कर लगाता रहा। वहीं नगीना थाना प्रभारी अवनीत मान पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह कुत्ता पिछले पांच दिनों से मंदिर परिसर में बिना कुछ खाए-पिए लगातार मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा था. थकान और कमजोरी के कारण जब कुत्ता निढाल होकर गिर गया, तो मंदिर कमेटी ने उसे सम्मानपूर्वक गद्दे पर लिटाकर रजाई ओढ़ा दी. देखते ही देखते यह बात पूरे इलाके में फैल गई और मंदिर में मेले जैसा माहौल बन गया.
हैरानी की बात यह है कि मंदिर में उमड़ा जनसैलाब अब भगवान के साथ-साथ इस कुत्ते की भी पूजा कर रहा है. श्रद्धालु कुत्ते के आगे मत्था टेक रहे हैं, प्रसाद चढ़ा रहे हैं और चढ़ावे के रूप में रुपये-पैसे भी दे रहे हैं. लोगों का मानना है कि इस कुत्ते पर कोई दैवीय कृपा है, इसलिए वे इससे मन्नतें भी मांग रहे हैं. मंदिर के बाहर खिलौने और प्रसाद की दुकानें भी सज गई हैं.
लगातार भूखे रहने के कारण कुत्ते की हालत काफी नाजुक हो गई है. उसने दूध और रोटी खाने से भी इनकार कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख पशु चिकित्सकों को बुलाया गया.
डॉ. अश्वनी चित्रांश ने बताया- कुत्ते ने कई दिनों से कुछ नहीं खाया है, जिससे उसके शरीर में पानी और मिनरल्स की भारी कमी हो गई है. उसकी जान बचाने के लिए उसे ग्लूकोज, मल्टी-विटामिन की ड्रिप और फ्रूट थेरेपी दी जा रही है ताकि जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके.

