मेरठ 17 जुलाई (प्र)। इनररिंग रोड से लगे गंगानगर में मेडा की ओर से 14.5 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सुंदरीकरण का बुरा हाल है। सजावट के लिए लगाई गई लाइटों में से 178 लाइट गायब हो गई। 80 लाइटें टूटी मिलीं हैं यहां बैठने के लिए बनाए गए मार्बल के प्लेटफार्म कई स्थानों पर धंस गए और पेड़- पौधे सूख गए हैं। साइकिलिंग के लिए बनाया गया तीन मीटर चौड़ा ट्रैक कई जगह से टूट गया है। अफसरों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अनसुनी कर दी गई।
करीब तीन साल पहले गंगानगर में नाले किनारे 2200 मीटर लंबी इनररिंग रोड के हिस्से का कायाकल्प का प्रोजेक्ट लाया गया मेडा के इस प्रोजेक्ट में पेडेस्ट्रियन फ्रेंडली पाथवे, मनोरंजन के लिए ओपन थिएटर से लेकर, साइकिलिंग के लिए तीन मीटर चौड़ा सीमेंटेड ट्रैक, बैठने के लिए जमीन से तीन फीट ऊंचे प्लेटफार्म (चबूतरे), वाटरफॉल, कलात्मक स्कल्पचर, बनाए गए मेडा अधिकारियों की देखरेख में यह कार्य किया गया 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
अब अधिकारियों की अनदेखी की वजह से यहां का हाल बुरा हो गया है। कई जगहों पर मार्बल के बनाए गए प्लेटफार्म (चबूतरे) में कई फीट गहरे बड़े गड्ढे पाए गए हैं। दीवार की टाइल्स में गैप आ गया है। रात में दूधिया रोशनी के लिए लगाई गई लाइटों में 178 लाइट पोल सहित गायब, तो 80 टूटी मिलीं। साइकिल ट्रैक उखड़ा मिला ड्रेनेज के लिए बनाए गए नाले के ऊपर लगाई गई लाल पत्थर की टाइल्स छूटकर गिर मिली। वहीं, ज्यादातर पेड़-पौधे सूख चुके हैं। वाटरफॉल के लिए लगाए गए पंप के कई स्थानों पर केवल काट लिए गए हैं।
इस मामले में गंगानगर पार्षद दीपिका शर्मा ने बताया कि मेडा की ओर से यह कार्य कराया गया। कई बार अधिकारियों को यहां की बदहाली के बारे में अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुखे पेड़-पौधों में पानी तक नहीं दिया जाता।
प्रोजेक्ट से रोपे गए थे 500 पौधे
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना का कहना है कि मेडा के कायाकल्प प्रोजेक्ट से पहले सरकारी पौधा रोपण अभियान के 2023 में महापौर हरिकांत अहलुवालिया व अन्य नेताओं ने सीएनजी पंप से मवाना रोड तक नाले किनारे करीब 500 पौधे लगाए गए जब यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ तो उन पौधों को नष्ट कर दिया गया। उनके स्थान पर दूसरे जगह पौधे नहीं लगाए गए। विकास प्राधिकरण द्वारा लगी खराब लाइटों को जल्द ठीक कराया जाएगा। जो निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त है, उसकी मरम्मत करा दी जाएगी।

