बस्ती 10 फरवरी। मृतक दरोगा अजय गौड़ के छोटे भाई अरुण ने पीएम हाउस में अधिकारियों के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। सीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाई की मौत हो गई और सीओ कैसे बात करते रहे।? पूरी घटना की रिकार्डिंग भी है। बताया कि मैं झांसी में था और 5 तारीख को लापता भाई के बारे में 6 तारीख को पिता ने फोन पर बताया।
सीओ को जानकारी ही नहीं कि उनका दरोगा गायब हो गया है। कहा, डीआईजी को पोस्टमार्टम हाउस पर ही बुलाएं। यहां मैं तहरीर दूंगा और उन उन लोगों का नाम दूंगा। गुमशुदगी की जो रिपोर्ट थी उसकी जांच कौन कर रहा है? भाई के सीडीआर में अंतिम कॉल किसकी थी? इसकी जांच करवाई जाए।
अधिकारियों ने पुलिस लाइन चलने की बात कही तो भाई अरुण ने कहा, मैं अपने मृतक भाई को छोड़कर कहीं नहीं जाउंगा। इसी बीच मौके पर मौजूद अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। सोशल मीडिया पर वीडियो में साफ दिख रहा है कि इसके बाद छोटे भाई अरुण वहीं पीएम हाउस के पास बैठ गए।
अधिकारी मनाते रहे कि बगल में सिविल लाइंस है, डीआईजी ऑफिस है, वहां चल चलिए। उन्होंने कहा कि डीआईडी साहब का ईगो है कि यहां अपने दरोगा को देखने नहीं आ सकते हैं? डीआईजी साहब आएं और अपने दरोगा का शक्ल तो देख लें? इन आरोपों के साथ छोटे भाई अरुण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
आरोप लगाया कि एसपी को फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाय? कप्तान साहब को नींद कैसे आए गई? मैने अपने डीएम को बताया तो वो रो पड़े। मृतक दरोगा अरुण के छोटे भाई झांसी में एडीएम पद पर तैनात हैं। उधर, दरोगा की पत्नी ने कहा कि डीआईजी ने आश्वासन दिया है कि तहरीर दें। निष्पक्ष रुप से कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने पहले कानूनी कार्रवाई करवाने की बात कही है।
डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि परिवार के मृतक दरोगा के परिजन रेंज ऑफिस में आए थे। उनसे मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया गया है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पूरे पुलिस महकमा पीड़ित परिवार के साथ है।

