लखनऊ,20 फरवरी। यूपी में पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 अप्रैल को होगा। दूसरी बार अंतिम सूची की तिथि बढ़ाई गई है। पहले यह तारीख छह फरवरी से बढ़ाकर 28 मार्च की गई थी। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है।
गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम सूची प्रकाशन का समय बढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार अभी तक मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत किए जाने, राज्य मतदाता नंबर जारी करने व मतदेय स्थलों की मैपिंग का कार्य 27 मार्च तक होना था। अब इसे भी बढ़ाकर 13 अप्रैल कर दिया गया है। फिर 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यूपी की सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), बोर्ड की परीक्षाएं व अन्य कार्यों में प्रशासनिक मशीनरी के व्यस्त होने और बीएलओ पर कई कार्यों का बोझ होने के चलते सूची की तारीखें दो बार बढ़ाई जा चुकी हैं।
दरअसल, इस समय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान चल रहा है।
बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में मशीनरी के व्यस्त होने के कारण आयोग ने यह निर्णय लिया है। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर एक साथ कई जिम्मेदारियों का बोझ होने से प्रक्रिया प्रभावित इसे आगे बढ़ाया गया है।
कबतक किसका कार्यकाल
पद कार्यकाल तारीख
ग्राम प्रधान 26 मई
ब्लॉक प्रमुख 19 जुलाई
जिला पंचायत अध्यक्ष 11 जुलाई
अभी तक पिछड़ा वर्ग आयोग गठन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं
अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठन नहीं हो सका है। यह आयोग ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट करेगा। ऐसे में कार्यकाल पूरा होने तक चुनाव न होने पर प्रशासक तैनात किए जा सकते हैं। फिर छह माह में पंचायत चुनाव कराया जा सकता है। फिलहाल मई तक चुनाव कराया जाना अब संभव नहीं दिख रहा।

