मुरादाबाद 28 मार्च। मुरादाबाद में 2011 में DIG/SSP रहे आईपीएस अशोक कुमार सिंह पर हमले के मामले में 15 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। कोर्ट ने डीआईजी पर हुए हमले में 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अशोक कुमार सिंह वर्तमान में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) हैं और लखनऊ में तैनात हैं। घटना के वक्त वे हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए डीएम की कार में बैठकर घटनास्थल पर पहुंचे थे, लेकिन डीआईजी को हिंसक भीड़ में फंसा छोड़ वहां से निकल भागे थे।
घटना 6 जुलाई 2011 की है। मुरादाबाद जिले के मैनाठेर इलाके में बवाल की सूचना पर मुरादाबाद के तत्कालीन पुलिस कप्तान अशोक कुमार सिंह तत्कालीन डीएम राजशेखर के साथ भारी फोर्स लेकर बवाल को शांत करने निकले थे। कप्तान अशोक कुमार सिंह डीएम की कार में सवार थे और उनकी गाड़ी व हमारी डीएम की कार के पीछे चल रहे थे।
मैनाठेर से पहले डींगरपुर में ही बलवाइयों ने अधिकारियों पर हमला कर दिया था। डीआईजी अशोक कुमार सिंह लाउड हेलर से भीड़ को समझाने की कोशिश कर रहे थे, इतने में भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया था। भीड़ को उग्र होता देख डीएम राजशेखर मौके से अपनी कार में बैठकर निकल गए थे। एसएसपी के हमराही समझे कि डीआईजी भी डीएम की कार में सवार हैं और इसी गलतफहमी में SSP के हमराही भी डीएम की गाड़ी के पीछे ही अपनी गाड़ी दौड़ा दिए। नतीजतन डीआईजी अशोक कुमार भीड़ में अकेला फंसे रह गए थे।
डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर हमले के मामले में उनके पीआरओ रवि चौधरी की ओर से मैनाठेर थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। घटना के करीब 15 दिन बाद तक मुरादाबाद का माहौल संवेदनशील रहा था।
छह जुलाई 2011 को मैनाठेर के असालतनगर बघा गांव में पुलिस ने आरोपी की तलाश में दबिश दी थी। आरोपी के परिवार ने धार्मिक पुस्तक का अपमान करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया था। इसके बाद मुरादाबाद संभल रोड पर तीन जगह लोगों ने जाम लगाकर बवाल किया था। मैनाठेर थाने और डींगरपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। सूचना मिलने पर डींगरपुर स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार, डीएम राजशेखर को भीड़ ने घेर लिया था। तत्कालीन डीआईजी भीड़ में फंसे तो डीएम वहां से निकल गए थे। भीड़ ने तत्कालीन डीआईजी पर हमलाकर दिया था और पिस्टल छीन ली थी। इस मामले में पीआरओ रवि कुमार ने 33 आरोपी नामजद और तीन सौ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसमें छह आरोपी नाबालिग होने के कारण उनकी फाइल दूसरी कोर्ट में भेज दी गई थी। डीआईजी पर हमले के मामले में सुनवाई एडीजे-दो कृष्ण कुमार की अदालत में चली। सुनवाई के दौरान तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। 23 मार्च को अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी करा दिया था।
यह हैं हमले के 16 दोषी
तत्कालीन डीआईजी पर हमले में दोषी ठहराए गए मंजूर अहमद निवासी डींगरपुर, मो. अली, हाशिम निवासी ललवारा थाना मैनाठेर, मो. कमरुल, मो.मुजीफ निवासी मसेबी रसूलपुर थाना मैनाठेर, मो.यूनुस, अम्बरीश निवासी शाहपुर चामरान, कासिम निवासी परियावली थाना असमोली जिला संभल, मो.मोबीन उर्फ मोहम्मद मोहसिन निवासी बरखेड़ा थाना डिडौली जिला अमरोहा, मो. मुजीब, तहजीब आलम निवासी असदपुर थाना मैनाठेर, जाने आलम निवासी मिलक नवाब मैनाठेर, मो. निवासी असदपुर मैनाठेर और मैनाठेर के लालपुर निवासी रिजवान और ताहरपुर निवासी मो. फिरोज को सजा सुनाई ।

