गोण्डा, 31 जनवरी। सड़क हादसे के मामले की विवेचना में भारी अनियमितता पर एक निरीक्षक, 12 उपनिरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसमें बहराइच के नौ और गोण्डा श्रावस्ती के दो-दो पुलिसकर्मी शामिल हैं।
आईजी अमित पाठक ने बताया क आर्थिक लाभ लेकर बीमा कंपनियों को नुकसान पहुंचाने के लिए विवेचना में अनियमितता की गई। कई विवेचकों ने तो दुर्घटनाओं में शामिल वाहन ही बदल दिया है। शिकायत पर एसआईटी से जांच कराई गई। दोषी पाए जाने पर गोण्डा के दो, श्रावस्ती के दो-दो और बहराइच के नौ विवेचकों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसमें 12 उपनिरीक्षक और एक निरीक्षक शामिल हैं। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कम्पनी के अधिकारी राजेन्द्र प्रताप सिंह ने एक साल पहले विवेचना में गड़बड़ी की शिकायत की। अलग-अलग जिलों में एसआईटी ने जांच के बाद आरोपी के विरुद्ध परिणाम कोर्ट भेजा।
एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए श्रावस्ती की भिनगा कोतवाली के निरीक्षक योगेश सिंह को निलंबित कर दिया गया। बहराइच के हरदी थाने के उपनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय, रामगांव थाने के संजीव कुमार द्विवेदी, रूपनरायन गौड़, नानपारा थाने के राजेश्वर सिंह, मटेरा थाने के तेज नारायण यादव व राकेश कुमार, मोतीपुर थाने के उपनिरीक्षक विजय यादव व दिवाकर तिवारी को निलंबित किया गया है।
गोंडा के खरगूपुर थाने के उपनिरीक्षक शेषनाथ पांडेय व इटियाथोक थाने के शशांक मौर्य को निलंबित किया गया है। इसी तरह श्रावस्ती के इकौना थाने के उपनिरीक्षक शैलेश कुमार त्रिपाठी व प्रेमचंद को भी निलंबित किया गया है।
वहीं, बहराइच के नवाबगंज थाने के उपनिरीक्षक अशोक कुमार जायसवाल, बौंडी थाने के मेहताब आलत व श्रावस्ती की भिनगा कोतवाली के उपनिरीक्षक गुरूसेन सिंह का गैर जनपद तबादला होने के कारण निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के एसपी को रिपोर्ट भेजी गई है।
बता दें कि देवीपाटन मंडल के चारों जिलों गोंडा, बलरामपुर बहराइच व श्रावस्ती जिलों में इन दिनों पुलिस का खेल ही निराला चल रहा था. जहां पर पुलिस विवेचना के नाम पर रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था. इसका खुलासा तब हुआ जब इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा आईजी देवीपाटन रेंज अमित पाठक से पिछले दिनों हमको शिकायत मिली कि उन एक्सीडेंट्स के केसेज में जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है. जो विवेचक हैं उनके द्वारा अनियमितता करते हुए जिन गाड़ियों से एक्सीडेंट हुआ. उन गाड़ियों को परिवर्तित किया गया व जिन चालकों से एक्सीडेंट किया गया उनका भी नाम बदल के दूसरे चालकों को प्रकाश में लाया गया है.

