पड़ोसी देश बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ जो बर्बरता बढ़ती ही जा रही है। अभी एक खबर के अनुसार झेनेदाह जिले के कालीगंज में विधवा हिंदु महिला के साथ दो लोगों ने गैंगरेप किया और उसे पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए। यह घटना चर्चाओं में ही थी कि यहां संपादक राणा प्रताप बैरागी की गला काटकर और गोली मारकर हत्या कर दी गई। बांग्लादेश के कुलना डिवीजन के जेसोर जिले में सोमवार को बड़ी खबर नामक वअखबार के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या की गई जो जेसोर जिले के केशवपुर में बलवा गांव के निवासी थे। इससे संबंध बंग्ला भाषा के अखबार आलो में छपी खबर में बताया कि ३८ वर्षीय राणा प्रताप मोनिरमपुर के कपालिया बाजार में एक बर्फ की फैक्ट्री भी चलाते थे। बड़ी खबर २४ ने अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक के हवाले से कहा कि गत सोमवार को करीब पांच ४५ बजे कपालिया बाजार में मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने उन्हें बाहर बुलाया और एक डायगनोस्टिक वाली गली में उन्हें तीन गोली मार दी। पुलिस स्टेशन प्रभारी मोहम्मद रजी उल्लाह खान का कहना है कि बैरागी का गला भी काटा गया। उनकी हत्या किसने की यह पता नहीं चल पाया है। यह भी चर्चा है कि बैरागी प्रतिबंधित पूर्वी बांग्लार कम्यूनिस्ट पार्टी के अंदरूनी झगड़े का शिकार हो गए। वो इस संगठन के सदस्य बताए जाते थे। पिछले एक सप्ताह से हिंदु समाज के खिलाफ हिंसक घटनाओं में जो तेजी आई है वो चिंता का विषय बन गई है। बताते चलें कि तीन जनवरी को ५० वर्षीय खोपनंचद दास की तथा विजेंद्र विश्वास की मैहमनपुर जिले में हत्या कर दी गई। २४ दिसंबर को राजबाड़ी शहर में जबरन वसूली को लेकर एक हिंदू अमृतमंडल को पीटपीटकर मार डाला गया तो १८ दिसंबर को कथित ईशनिंदा के आरोप में २५ वर्ष के दीपूचंद दास को भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला। २३ दिसंबर को चटगांव के बाहरी रोहाजमाल इलाके में अज्ञात लोगों ने कतर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों सुखशील और अनिलशील के घर में आग लगा दी। यह कुछ ऐसी घटनाएं है कि बांग्लादेश के वर्तमान शासक के बार बार दावा करने कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा मगर हत्याएं खबरों के अनुसार जारी हैं। संपादक राणा प्रताप बैरागी की हत्या से लेकर देशभर के पत्रकारों में रोष व्याप्त है। भारतीय भाषाई समाचार पत्र संगठन इलना के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार सुनील डांग ऑल इंडिया न्यूज पेपर एसा़े के चेयरमैन सुरेंद्र शर्मा एलएलबी, सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए संस्थापक रवि कुमार बिश्नोई, मजीठियां बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री अंकित बिश्नोई, और प्रवक्ता संदीप गुप्ता समेत पत्रकारों व संपादकों ने संपादक राणा प्रताप बैरागी की हत्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से मांग की है कि वह बांग्लादेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए वहां के शासक से कहे कि वो अल्पसंख्यकों की हत्याएं रोकें और लोकतंत्र की बहाली के लिए पत्रकारों को सुरक्षा उपलब्ध कराएं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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