मेरठ 06 जुलाई (प्र)। लोहियानगर थाना क्षेत्र में युवती अफशा की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य आरोपी बड़े भाई आरिश को जेल भेजने के एक दिन बाद रविवार को पुलिस ने मृतका की मां कासिफा और उसके दो अन्य भाइयों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का आरोप है कि सभी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने और घटना को छिपाने की कोशिश की।
शनिवार सुबह करीब छह बजे हुई अफशा की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को उसकी मां कासिफा, तीसरे नंबर के भाई मोहम्मद कैफ और सबसे छोटे नाबालिग भाई को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, इन तीनों पर हत्या के बाद आरोपी को बचाने, साक्ष्य नष्ट करने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप है।
घटना के बाद शनिवार देर शाम तक किसी परिजन ने पुलिस को तहरीर नहीं दी। इसके बाद एसपी सिटी के निर्देश पर लोहियानगर थाने के दारोगा अमित मलिक की ओर से पुलिस वादी बनकर मुकदमा दर्ज कराया गया। एफआईआर में बड़े भाई आरिश, मां कासिफा और अन्य स्वजनों पर गोली मारकर हत्या करने, साक्ष्य छिपाने और पुलिस को समय पर सूचना न देने का आरोप लगाया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद परिजनों ने उस कमरे को पानी से धो दिया, जहां अफशा की हत्या हुई थी। इसके बावजूद फोरेंसिक टीम ने दीवारों, फर्श और कपड़ों से खून के नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस अब चाचा, ताऊ और अन्य रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने मुकदमे में आवश्यक धाराएं बढ़ा दी हैं। नाबालिग आरोपी को नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले में जो भी व्यक्ति साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बहन की हत्या करने वाले भाई आरिश ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि अफशा की वजह से हर जगह बदनामी हो रही थी। हमारा आना जाना भी मुश्किल हो गया था। घर से निकलते ही लोग उसे देखकर इशारे करने लगते थे। इस बेइज्जती से रोज मरता था मैं..भाई बहन-बेटी बुरी नहीं लगती है, जब इज्ज्त उतारने लगे तो आदमी हर पल आदमी मरता है। मैंने कई बार रात को जागकर देखा कि अफशा किसी से मोबाइल पर बात करती थी। उसे सोने को कहने पर उसने फोन तो काटा, लेकिन फिर आंख खुली तो वह बात करती दिखाई दी। चारों भाई मजदूरी कर घर चला रहे थे, सिर पर बाप का साया नहीं था। मुझे अफशा को नहीं मारना चाहिए थे, पर उसे भी समझना चाहिए था। सभी उसकी भलाई ही तो चाहते थे। अफशां बेहद जिद्दी थी। हालांकि वह घर से कम ही निकलती थी। परिवार के लोगों की कोई बात उसे पसंद नहीं आती थी तो वह खुलकर विरोध करती थी। वह न मां से डरती थी, न भाईयों से। जब उसे मोबाइल से बातचीत करने का विरोध किया तो उसने साफ कह दिया, वह ऐसे ही बात करेगी। इससे सबको पता चल चुका था कि वो किसी लड़के यानि अपने किसी प्रेमी से बात करती है। जब उसे पता चला कि उसका रिश्ता कर दिया गया है तो उसने साफ कह दिया कि वह किसी भी सूरत में निकाह नहीं करेगी। वह हाजीपुर के अपने प्रेमी संग ही रहेगी। पिछले तीन से इसी बात पर अफशां से घर में विरोध चल रहा था। मां व भाईयों के समझाने पर भी वह अपनी जिद पर अड़ी रही।

