मेरठ 12 जून (प्र)। जून में पहली बार मेघ मेहरबान हुए हैं। इसके पहले कई बार बादल छाए लेकिन बिना बरसात के ओझल हो गए। गुरुवार रात 11 बजे तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई। करीब एक घंटा झमाझम बरसात हुई। गुरुवार को पिछले 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान में 6.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार की सुबह धूल भरी हवाओं के अलावा बरसात की संभावना भी जतायी है। मानसून महाराष्ट्र में पहुंच गया है। यह रुक-रुक कर आगे बढ़ रहा है। मेरठ में मानसून पहुंचने का निर्धारित समय 29 जून है। यह कब पहुंचेगा इसको लेकर अभी अनिश्चितता है। लेकिन उसके पहले प्री मानसून बरसात ने राहत दिलाई है।
मेरठ में पिछले पांच दिनों से भीषण गर्मी के प्रकोप से लोग त्रस्त थे। तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पर बना हुआ था। गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से क्रमशः दो और एक डिग्री कम था। दोपहर में छह से आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही उत्तरी नम हवा तेज धूप के बावजूद मौसम को अनुकूल बनाए रहीं प्रदूषण के स्तर में सुधार नजर आया, एक्यूआइ 184 रहा जो दो दिन से 250 या उससे अधिक बना हुआ था। कृषि प्रणाली संस्थान के वरिष्ठ मौसम कृषि विज्ञानी डा. एम शमीम ने बताया कि अरब और बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं एनसीआर का रुख किए हुए हैं। पश्चिम विक्षोभ भी सक्रिय हुआ है जिससे प्री मानसून बरसात देखने को मिली है। यह आगामी दो दिन भी जारी रह सकती है।
फसलों के लिए लाभदायक है बरसात
कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरएस सेंगर ने बताया कि अत्यधिक तापमान फलदार, गन्ना और फलदार पौधों के लिए नुकसानदेह है। वर्तमान में आडू, लोकाट लीची और आम की फसल है। इन सभी के लिए बरसात लाभप्रद है। हालांकि तेज हवा व बरसात से लीची को नुकसान हो सकता है। मवाना निवासी प्रगतिशील किसान नंद किशोर ने बताया कि गन्ने और सब्जियों के लिए बरसात ठीक है।
अगले तीन घंटे में यहां आ रहा आंधी तूफान
गुरुवार की रात मोबाइल फोन के जरिए भारी बरसात और आंधी तूफान के अलर्ट भेजे जाते रहे हैं। ब मैसेज में लिखा था कि अगले तीन घंटों में आपके जनपद के कुछ इलाकों में तेज आंधी-तूफान (हवा की रफ्तार 70-90 किलोमीटर प्रति घंटे से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी) के साथ बिजली कड़कने, मध्यम से भारी बारिश और ओले की संभावना है।
मौसम में बदलाव पर स्वास्थ्य को लेकर बरतें सतर्कता
अत्यधिक गर्मी और फिर एकदम से मौसम में बदलाव बीमार कर सकता है।
पीलिया, वायरल बुखार, टाइफाइड दस्त, हैजा, एलर्जी की समस्या बढ़ जाती हैं।
जल जमाव होने से मच्छर-मक्खी पनप सकते हैं। मलेरिया के मामले आने शुरू हो सकते हैं।
बचाव के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देना है। शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्त रखनी है।
सब्जियां, फल धोकर खाने हैं। बिना धोए खाने से संक्रमण हो सकता है।
भोजन करने से पहले हाथों को ठीक से धोएं। शुद्ध पानी पीएं। -डा. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन द्

